आगरालीक्स..(28 August 2021 Agra News) आगरा के चर्च में अचेत होकर गिरा दुर्लभ प्रजाति का गिद्ध. वाइल्डलाइफ एसओएस ने बचाया. जानिए क्या रही इसके गिरने की वजह
वजीरपुरा स्थित चर्च में गिरा गिद्ध
आगरा स्थित वज़ीरपुरा के चर्च में दुर्लभ प्रजाति का इजिप्शियन वल्चर (गिद्ध) गंभीर अवस्था में पाया गया। गिद्ध को वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने रेस्क्यू किया और वर्तमान में उसे एनजीओ की ट्रांजिट फैसिलिटी में देख-रेख में रखा गया है। आगरा में अचानक तापमान बढ़ने से सिर्फ इंसान ही नहीं जानवर भी गर्मी की मार झेल नहीं पा रहे हैं. ऐसी ही एक घटना में हीटस्ट्रोक और निर्जलीकरण के कारण एक इजिप्शियन वल्चर (गिद्ध) अचेत अवस्था में पाया गया। सेंट पीटर्स चर्च के सदस्य चर्च के गार्डन में अर्धमूर्छित अवस्था में पड़े गिद्ध को देखकर हैरान रह गए। पक्षी की जान को लेकर चिंतित, उन्होंने तुरंत हेल्पलाइन नंबर (+91-9917109666) पर वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क साधा।
रेस्क्यू कर ट्रांजिट फैसिलिटी में भेजा
आगरा शहर में संकटग्रस्त जंगली जानवरों को पशु एम्बुलेंस सेवाएं प्रदान करनी वाली एनजीओ की रैपिड रिस्पांस यूनिट तुरंत स्थान पर पहुची। उन्होंने पुष्टि की कि पक्षी एक इजिप्शियन वल्चर (गिद्ध) है। उन्होंने पक्षी को सावधानी से रेस्क्यू कर संस्था की ट्रांजिट फैसिलिटी में स्थानांतरित कर दिया। वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सकों द्वारा एक विस्तृत मेडिकल परिक्षण से पता चला कि गिद्ध गंभीर रूप से निर्जलीत है। इलाज के रूप में, गिद्ध को ताकत वापस पाने के लिए पुनर्जलीकरण और ग्लूकोज दिया जा रहा है।

युवा गिद्ध का स्वस्थ होना जारी है और पूरी तरह से ठीक होने पर उसे प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा। वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक, डॉ इलियाराजा ने कहा, “युवा इजिप्शियन वल्चर (गिद्ध) छोटी उड़ानें भरते हैं और अक्सर सुरक्षित क्षेत्रों में आराम करने के लिए रुकते हैं। यह गिद्ध विशेष रूप से गंभीर निर्जलीकरण और हीटस्ट्रोक के कारण उड़ान भरने में असमर्थ था।”
इजिप्शियन वल्चर एक दुर्लभ रैप्टर
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “इजिप्शियन वल्चर एक दुर्लभ रैप्टर है, जो हमारे इकोसिस्टम में अभिन्न भूमिका निभाते हैं। चूंकि गिद्ध अधिक ऊंचाई पर उड़ते हैं, इसलिए उन्हें निर्जलीकरण और हीटस्ट्रोक से पीड़ित होने का खतरा अधिक होता है। हमारी टीम गिद्ध को सभी अनिवार्य चिकित्सकीय उपचार दे रही है, जिससे वह जल्दी ही सुरक्षित रूप से स्वस्थ हो सके।” इजिप्शियन वल्चर सम्पूर्ण गिद्ध प्रजाति में आकार में सबसे छोटे होते हैं। इन गिद्धों को शिकार में तेजी से गिरावट एवं मृत जानवरों के अवशेषों में मौजूद ज़हरीले पदार्थ से अधिक खतरा है। इजिप्शियन वल्चर को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) की रेड लिस्ट में लुप्तप्राय प्रजातियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।