आगरालीक्स… सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क में कटौती की घोषणा की है। इससे दोनों मूल्यवान धातुओं की कीमतों में कमी आएगी। खुदरा मांग को बढ़ावा मिलेगा।
शादी-समारोह के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में कमी आने से बाजार में भी बूम आएगा। ज्वैलर्स भी सरकार के इस कदम का स्वागत कर रहे हैं।
सोने-चांदी की कीमतों में हुई थी तेज वृद्धि
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतरमण ने बजट में कहा है कि वर्तमान में सोना-चांदी पर 12.5 फीसदी सीमा शुल्क लगाया जाता है। गत जुलाई माह में शुल्क 10 फीसदी बढ़ा दिया गया था। इसके बाद सोने-चांदी की कीमतों में तेज वृद्धि हुई। इसे पिछले स्तर पर लाने के लिए सरकार ने युक्तिसंगत सीमा शुल्क लगाने की योजना बनाई है और इसके इसमें कटौती की है।
इतना लगेगा शुल्क
सोना-चांदी पर सीमा शुल्क कम कर 7,5 फीसदी किया गया है। इसके अलावा सोने की मिश्र धातु (गोल्ड डोर बार) पर शुल्क 11.85 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी औऱ चांदी की मिश्र धातु (सिल्वर डोर बार) पर 11 फीसदी से कम कर 6.1 फीसदी किया गया है। प्लेटिनम पर शुल्क 12.5 फीसदी से कम कर 10 फीसदी किया गया है। सोना और चांदी के फाइडिंग्स पर 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी और कीमती धातु के सिक्कों पर 12.5 फीसदी से कम कर 10 फीसदी किया गया है।
उपकार भी लगाया
हालांकि सोना और चांदी के मिश्र धातु, चांदी के मिश्र धातु पर 2.5 फीसदी कृषि बुनियादी ढांचा और विकास उपकर लगेगा।
शादी समारोह में बढ़ेगी खऱीदारी
सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि सरकार के इस कदम से खुदरा मांग को बढ़ावा मिलेगा। कक्कड़ ज्वैलर्स के संचालक परम कक्कड़ का कहना है कि सोने-चांदी में की गई आयात शुल्क की कटौती से निश्चित ही खुदरा मांग को बढ़ावा मिलेगा। अप्रैल माह से आयात कटौती लागू होने के बाद विवाह और त्योहारी सीजन में बाजार को भी इसका लाभ मिलेगा।
वैश्विक कीमतों को मिलेगा सहारा
अर्थशास्त्री एवं आगरा कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. शरदचंद्र भारद्वाज ने आगरालीक्स को बताया कि सरकार के इस कदम से भारत में सोने की मांग बढ़ सकेगी और वैश्विक कीमतों को सहारा मिल सकेगा।