आगरालीक्स… आगरा में कोरोना मरीजों पर होम्योपैथी की दवाओं से चल रहे ट्रायल के प्रारंभिक परिणाम उत्साहित करने वाले हैं, दवा लेने वाले मरीजों की पांच से सात दिन में कोरोना निगेटिव रिपोर्ट आई है। मगर, अभी और मरीजों पर ट्रायल होना है।
आगरा में कोरोना के केस 831 तक पहुंच चुके हैं, ऐसे में नेमिनाथ होम्योपैथिक हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर द्वारा होम्योपैथी से इलाज के ट्रायल की अनुमति मांगी गई, आयुष मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद एफएच मेडिकल कॉलेज टूंडला में भर्ती कोरोना के 44 मरीजों पर पहले चरण का क्लीनिकल ट्रायल 5 मई को को शुरू किया गया। नेमिनाथ होम्योपैथिक हॉस्पिटल के संस्थापक और प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि 15 दिन के क्लीनिकल ट्रायल में एलोपैथिक दवाओं से कोविड-19 मरीजों के लक्षण खत्म होने में आठ से 10 दिन लगे, वहीं सात से नौ दिन उनके शरीर में कमजोरी महसूस हुई। वहीं नेगेटिव व ठीक होने में उन्हें चार से छह हफ्ते तक लगे। जबकि होम्योपैथिक दवाओं ने चमत्कारिक असर दिखाया है। इलाज शुरू होने के दो से तीन दिन में ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लक्षण खत्म होना शुरू हो गए, पांंच से सात दिन में ही वह नेगेटिव भी हो गए। इन मरीजों की सैफई मेडिकल कॉलेज से सभी कोरोना की दो-दो बार जांच कराई गई।
इस तरह किया गया क्लीनिकल ट्रायल
डॉ. प्रदीप गुप्ता का कहना है कि पांच मई को उनका ट्रायल शुरू हुआ, 10 मई तक मरीजों के लक्षण खत्म होना और उनके ठीक होने की शुरूआत हो गई। 12-13 मई को उनके टेस्ट कराए गए और 15 मई तक रिजल्ट नेगेटिव आ गए। इसके बाद उन्हें सिर्फ दो मरीज और दिए गए। वह भी ठीक हो चुके हैं। इसके बाद 15 मई से कोई नया मरीज नहीं आया है। डॉ. प्रदीप गुप्ता का कहना है कि इलाज में ब्रायनिया और आर्सेनिक दवाएं ही कारगार रही हैं, जिनमें ब्रायनिया सबसे प्रभावी है। एसएन मेडिकल कॉलेज में भी मरीजों का इलाज करने को तैयार हैं।