आगरालीक्स… शिव नवरात्रि पर्व शुरू हो गया है। पर्व एक मार्च तक उत्साह के साथ मनाया जाता है, जानिये विस्तृत जानकारी।
ज्योतिर्लिंगों में होता है आयोजन
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार अलीगढ़ के ज्योतिषाचार्य पंडित हृदयरंजन शर्मा के अनुसार श्री शिव नवरात्रि देश के प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगों के अलावा कई शिव मंदिरों में विशेष रूप से मनाई जाती है।
उज्जैन शक्तिपीठ और शक्तितीर्थ है
यहां महाकाल के साथ देवी हरसिद्धि विराजित हैं। शिव-पार्वती संबंध के कारण शक्ति की तरह शिव की भी नवरात्रि उत्सव की परंपरा है। यहां नौ रात्रि तक विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल नवरात्रि के दौरान लघुरुद्र, महारुद्र्र, अतिरुद्र, रुद्राभिषेक, शिवार्चन, हरिकीर्तन के आयोजन किए जाते हैं।
महाकाल के दरबार में देवाधिदेव व माता पार्वती के विवाहोत्सव का उल्लास
सबसे ज्यादा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में इसका उत्साह रहता है। इस दौरान पूरे 9 दिन तक महाकाल के दरबार में देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के विवाहोत्सव का उल्लास रहता है।
बाबा महाकाल बनते हैं दूल्हा, होता है श्रृंगार
महाकाल के दरबार में देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के विवाहोत्सव का उल्लास रहता है। भस्म रमाने वाले बाबा महाकाल दूल्हा बनते हैं। उन्हें हल्दी लगाई जाती है और हल्दी और चंदन से ऊबटन कर उनका नित नया मनमोहक श्रृंगार किया जाता है
शिव नवरात्रि कब क्या कार्यक्रम
कल 21 फरवरी को श्री महाकालेश्वर भगवान जी को सोला एवं दुपट्टा तथा जलाधारी को मेखला धारण करवाया गया। 22 फरवरी श्री पंचमुखी शेषनाग श्रृंगार दर्शन कराए गए।
23 फरवरी श्री घटाटोप श्रृंगार दर्शन
24फरवरी श्री छबीना श्रृंगार दर्शन
25 फरवरी श्री होल्कर मुखौटा श्रृंगार दर्शन
26 फरवरी श्री मनमहेश स्वरूप श्रृंगार दर्शन
27 फरवरी श्री उमा महेश स्वरूप श्रृंगार दर्शन
28 फरवरी श्री शिव तांडव स्वरूप श्रृंगार दर्शन
01 मार्च महाशिवरात्री विशेष श्रृंगार दर्शन
सप्तधान एवं सेहरा श्रृंगार दर्शन।