
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अंकुर गोयल को एसोसिएट प्रोफेसर बनाया गया है, वे असिस्टेंट प्रोफेसर थे। इसी तरह साइक्यिाट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विशाल सिन्हा भी एसोसिएट प्रोफेसर हो गए हैं। अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ चंद्र प्रकाश पाल को भी प्रमोट किया गया है, उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर बना दिया गया है। एसपीएम विभाग के डॉ सुनील कुमार कौशिक, मेडिसिन विभाग के डॉ अश्वनी कुमार निगम एसोसिएट प्रोफेसर बन गए हैं। पैथोलॉजी विभाग की डॉ पूजा अग्रवाल, डॉ गरिमा डुंडी और डॉ दीपा रानी को एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रमोट किया गया है। जबकि बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ आलोक मवार को असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया है।
युवा डॉक्टर चला रहे एसएन
एसएन मेडिकल कॉलेज को युवा डॉक्टर चला रहे हैं। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ श्वेतांक प्रकाश, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अंकुर गोयल, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ सीपी पाल, साइक्यिाट्री विभागाध्यक्ष डॉ विशाल सिन्हा सभी युवा है। ये अपने विभागों में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।
एमसीआई का होना है इंस्पेक्शन
एसएन की एमबीबीएस सीटों के लिए एमसीआई मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया का इस्पेक्शन होना है। एमसीआई की रिपोर्ट पर एमबीबीएस की सीटों पर फैसला हो सकेगा कि सत्र 2016 17 के लिए एमबीबीएस में 150 या 128 छात्रों का प्रवेश लिया जाए। इसके लिए एसएन में तैयारी चल रही है। 20 फीसद डॉक्टरों की कमी है, इसे पूरा करने के लिए संविदा पर डॉक्टर रखे जा रहे हैं। इसके साथ ही समय से एसएन में न आने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों को कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। प्राचार्य डॉ एसके गर्ग ने निरीक्षण में अनुपस्थित मिले डॉक्टरों को सख्त नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी डॉक्टर समय पर नहीं आ रहे हैं। संभावना है कि किसी भी दिन सुबह एमसीआई की टीम आ सकती है, उस समय डॉक्टर ओपीडी में नहीं मिलते हैं तो परेशानी बढ सकती है।
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