आगरालीक्स …आगरा ताजमहल है या तेजोमहल मंदिर, ताजमहल को तेजोमहल होने के दावे का विवाद न्यायालय पहुंचा। सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में सोमवार को वाद प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद वादी को धारा 80 1 सिविल प्रक्रिया संहिता नोटिस की कार्यवाही पहले पूरी करने के लिए कहा है।
आगरा में सोमवार को योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट और क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट की तरफ से अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह की ओर से सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में वाद प्रस्तुत किया गया। वाद में ताजमहल को तेजो महल मंदिर बताया गया है, शिव सहस्त्र नाम स्रोत में तेजो नाम भोलेनाथ का है, संस्क्रत में महालय का अर्थ मंदिर होता है, श्विकर्मा प्रकाश में भी तेजोलिंग निर्माण का वर्णन है।
ये किया गया दावा
वाद में दावा किया गया है कि वर्ष 1194 के राजा परमादेव चंदेल बटेश्वर शिलालेख में भी एक फिटकरी के समान शिव मंदिर के निर्माण का उल्लेख है। ताजमहल के पश्चिमी और यमुना किनारे प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर है। ये स्वयंभू शिवलिंग हैं और लाल रंग के हैं, इसी से सटा एक कुआं है, जिससे होकर ताजमहल तक पानी जाता है। दावा किया है कि तेजोलिंग एक स्वयंभू शिवलिंग है जिसका अस्तित्व आदिकाल से है और जिस पर मंदिर का निर्माण राजा परमाल देव चंदेल ने 1194 में कराया था, नाम तेजो महालय था, जिसका अपभ्रंश ताजमहल है।