आगरालीक्स…सावन का पहला मंगला गौरी व्रत कल मंगलवार को. बनेंगे 3 शुभ योग, सुहागनों के लिए हैं विशेष नियम, जानें मुहूर्त और पूजा सहित पूरी जानकारी
सावन माह के हर मंगलवार के दिन मंगला गौरी का व्रत करते हैं. इसमें मां गौरी के साथ भगवान शिव और विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा करते हैं. वर्ष 2026 में सावन मास के दौरान कुल चार मंगला गौरी पड़ेंगी। यह व्रत माता पार्वती (मंगला गौरी) को समर्पित है, जिसे सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की प्राप्ति के लिए रखती हैं।मंगला गौरी व्रत 2026 की तिथियां
04 अगस्त-11 अगस्त-18 अगस्त-25 अगस्त
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया की इस बार सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर 3 शुभ योग बन रहे हैं. जिन युवतियों का हाल ही में विवाह हुआ है और उसके बाद यह उनका पहला सावन है तो मंगला गौरी के लिए विशेष नियम होते हैं, जिनका पालन करना चाहिए.
पहला मंगला गौरी व्रत 2026 तारीख
सावन में पहला मंगला गौरी व्रत कल 4 अगस्त को है. वैदिक पंचांग के आधार पर देखें तो उस दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि होगी. उस दिन षष्ठी रात में 10:03 PM तक रहेगी. इस दिन सुहागिन महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं और पूरे दिन माता गौरी की पूजा-अर्चना करती हैं. मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत रखने से माता पार्वती खुश होती हैं और अपने भक्तों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देती हैं. यही वजह है कि सावन के मंगलवार को महिलाओं के बीच इस व्रत का खास महत्व माना जाता है.
3 शुभ योग में पहला मंगला गौरी व्रत
पहले मंगला गौरी व्रत के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं, लेकिन ये सभी रात में होंगे. उस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अृमत सिद्धि योग और रवि योग बनेंगे. ये तीनों ही योग रात में 9 बजकर 54 मिनट पर बनेंगे और अगले दिन 5 अगस्त को सुबह 5 बजकर 45 मिनट तक है. दिन में धृति योग प्रात:काल से लेकर शाम 07 बजकर 33 मिनट तक है, उकसे बाद शूल योग बनेगा. उस दिन रेवती नक्षत्र सुबह से लेकर रात 09:54 PM तक रहेगा, उसके बाद अश्विनी नक्षत्र है.
पहला मंगला गौरी व्रत 2026 के शुभ मुहूर्त
पहले मंगला गौरी व्रत के दिन
ब्रह्म मुहूर्त 04:20 AM से 05:02 AM तक है
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 PM से 12:54 PM तक रहेगा.
आप सुबह में 09:06 AM से दोपहर 02:08 PM के बीच पूजा कर सकते हैं, वहीं सूर्यास्त 07:10 PM पर होगा. जिनके यहां प्रदोष काल में पूजा होती है, वे शाम को 07:10 बजे के बाद मंगला गौरी पूजा करें.
सुहागनों के लिए पूजा का विशेष नियमज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन के अनुसार जिन युवतियों का इस साल विवाह हुआ है और यह उनका पहला सावन है तो उनको इस साल मंगला गौरी का व्रत अपने मायके में रखना चाहिए. फिर बाकी के 4 साल यह व्रत अपने ससुराल में करना चाहिए. मंगला गौरी का व्रत विवाह के 5 साल तक जरूर करना चाहिए।
मंगला गौरी व्रत का महत्व
सावन में मंगला गौरी का व्रत करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है. पति की आयु लंबी होती है, दांपत्य जीवन सुखमय होता है. परिवार सुख और समृद्धि आती है. जिनका विवाह नहीं हुआ है या शादी में देरी हो रही है, वे मंगला गौरी का व्रत रखते हैं तो जल्द विवाह के योग बनते हैं.