आगरालीक्स 2025 स्पेशल…अहमदाबाद प्लेन हादसा जिसमें 270 लोगों की जान गई, एक यात्री जो जिंदा बचा अब वो कैसा है…इस साल की सबसे दर्दनाक घटना
12 जून 2025 दिन गुरुवारएयर इंडिया की फ्लाइट 171
अहमदाबाद से लंदन
समय दोपहर 1 बजकर 38 मिनट
ये दिन, ये समय और ये फ्लाइट वो है जिसने भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बना दिया. 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक हवाई अड्डे के लिए दोपहर एक बजकर 38 मिनट पर उड़ान भरती है, लेकिन उड़ान भरने के लिए 39 सेकंड बाद ही यह विमान अहमदाबाद के मेघाणी नगर क्षेत्र में क्रैश हो जाता है. यह एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान था, जिसमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे. 230 सवार यात्रियों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इसमें सवार थे. विमान जिस जगह क्रैश हुआ वो मेडिकल कॉलेज का एक हॉस्टल था जहां बच्चे खाना खा रहे थे. इस हादसे में प्लेन में सवार सभी 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई जबकि हॉस्टल पर यह क्रैश हुआ, वहां भी 29 लोगों की मौत हो गई.
पुलिस के अनुसार, दुर्घटनास्थल से कम से कम 270 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें विमान में सवार यात्री और ज़मीन पर मौजूद लोग दोनों शामिल थे. यह हादसा 2020 के दशक की सबसे घातक विमान दुर्घटना बन गया. विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री, 2 पायलट और 10 केबिन क्रू शामिल थे. यह जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और एयर इंडिया द्वारा दी गई. यात्रियों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 1 कनाडाई और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे. इस उड़ान का संचालन कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर द्वारा किया जा रहा था.
एकमात्र जीवित बचा यात्री मानसिक सदमे में
अहमदाबाद विमान हादसे में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति, विश्वास कुमार रमेश, शारीरिक चोटों (पैर, कंधा, घुटने और पीठ में दर्द) और गंभीर मानसिक सदमे (PTSD) से जूझ रहे हैं, जहां वे हर समय हादसे की भयावह यादों और अपने भाई की मौत के सदमे से परेशान रहते हैं, मानसिक रूप से टूटे हुए महसूस करते हैं और अकेले रहना पसंद करते हैं, जिससे उन्हें सामान्य जीवन जीने और काम करने में कठिनाई हो रही है, हालांकि उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वे मानसिक उपचार की कोशिश कर रहे हैं।.
डॉक्टर परिवार की आखिरी सेल्फी
गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने कई ज़िंदगियां छीन लीं. इसी हादसे के एक पीड़ित परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है- तीन बच्चों और उनके माता-पिता की आखिरी सेल्फ़ी, जो पेशे से डॉक्टर बताए जा रहे हैं. ये वो परिवार था, जो कई साल बाद एक साथ रहने का अपना सपना पूरा करने के लिए यूनाइटेड किंगडम जा रहा था. उड़ान से पहले ली गई यह सेल्फ़ी अब उनके परिजनों के लिए उनकी आख़िरी याद बनकर रह गई है. इस दर्दनाक हादसे में डॉ. प्रतीक जोशी, उनकी पत्नी डॉ. कौमी व्यास, उनकी आठ साल की बेटी मिराया और पांच साल के जुड़वा बेटे प्रद्युत और नकुल की मौत हो गई है.
4 महीने पहले हुई शादी, पति से मिलने जा रही थी लंदन
राजस्थान के बालोतरा जिले की रहने वाली खुशबू कंवर अपने पति से मिलने के लिए लंदन जा रही थीं. उनके पति वहां डॉक्टर हैं. खुशबू की शादी चार महीने पहले ही हुई थी. उनका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अपने घर से एयरपोर्टके लिए रवाना होते हुए सभी से मिल रही हैं और भावुक नजर आ रही हैं.
लंदन घूमने जा रहे थे भाई बहन
उदयपुर के मार्बल व्यवसायी संजीव मोदी का बेटा शुभ अपनी बहन शगुन के साथ प्लेन में सवार थे. वे लंदन घूमने जा रहे थे. भाई बहन एमबीए करने के बाद पिता का बिजनेस संभाल रहे थे. लेकिन प्लेन हादसे में दोनों की मौत हो गई.
अहमदाबाद जिले के केलिया वासना गांव के रहने वाले वैभव पटेल अपनी पतनी जीनल के साथ लंदन जा रहे थे. वैभव करीब तीन साल से लंदन में ही रह रहे थे. 30 मई को परिवार की एक शादी में शामिल होने के लिए दोनों अहमदाबाद आए थे. जीनल पटेल सात महीने की गर्भवती थीं और शादी की रस्में पूरी करने के बाद दोनों लंदन लौट रहे थे.
पत्नी के साथ जा रहे थे लंदन
गुजरात के गांधी नगर में रहने वाले गौरव ब्रहृमभट्ट लंदन की एक दवा कंपनी में जॉब करते थे. गौरव पत्नी कल्याणी के साथ लंदन जा रहे थे, लेकिन हादसे का शिकार हो गए. इनके दो बच्चे 16 साल की बेटी और 12 साल का बेटा है जो कि अहमदाबाद में ही रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. गौरव तीन बहनों के इकलौते भाई थे.
मंगेतर के साथ ली आखिरी सांस
गुजरात के गढडा तालुका के अडतला गांव में रहने वाले हार्दिक देवराजभाई लंदन में अमेजन में जॉब करते थे. वो दो सालों से लंदन में रह रहे थे. लंदन में ही रहने वाली विभूति से उनकी एक महीने पहले ही सगाई हुई थी. सगाई के लिए दोनों गांव आए थे और गुरुवार को दोनों लंदन वापस लौट रहे थे.
पत्नी के अंतिम संस्कार की रस्में करने आए थे भारत
मूल रूप से सूरत के रहने वाले अर्जुन पटोलिया अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ 2009 से लंदन में रहे रहे थे. वे लंदन में एक की चेन कंपनी में काम करते थे. पिछले ीन सालों से उनकी पत्नी भारती सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित थीं और बीती 23 मई को भारती की मौत हुई थी. उनका अंतिम संस्कार लंदन में ही किया गया था लेकिन अर्जुन पत्नी के अंतिम संस्कार के बाद भारत भी रस्में पूरी करने आए थे.
गुजरात के बनासकांठा जिले के थाराव गांव में रहने वाले कमलेशभाई चौधरी पत्नी धापूबेन के साथ लंदन जा रहे थे. कमलेश ब्रिटेन में ही जॉब करते थे और शादी के लिए पिछले पांच महीनों से गांव में थे. दोनों की शादी को चार महीने ही हुए थे और अब पति—पत्नी ब्रिटेन जा रहे थे.