
डिवाइस ऑनलाइन बेचने वाली दो वेबसाइट से भी ये जुड़े हैं जिसकी जांच हो रही है। प्रफुल्ल का पुत्र शिवम चंद्रा रांची के बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी में बीटेक कर रहा है जबकि राजेश रंजन की पत्नी पुणे से एमबीबीएस कर रही है। दोनों के दाखिले की जांच होगी। प्रफुल्ल ने बताया कि नेशनल होम्योपैथी मेडिकल कालेज का पासआउट राजेश उसका सहयोगी है। वे एडमिशन के नाम पर भी धंधा करते हैं।
कुशीनगर के ग्राम सपहा निवासी अच्युतानन्द पाण्डेय, बलरामपुर में कोतवाली के पुरनिया तालाब निवासी मोहम्मद वसीम, बांदा, बबेरू के देवीनगर निवासी मनीष कुमार, आजमगढ़ के मेहनगर इलाके के अनुज यादव, गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के पांडेयपार निवासी डा.रमण ध्वज सिंह (केजीएमयू एमबीबीएस अंतिम वर्ष छात्र), बस्ती के डा.अंशुमान मिश्रा (कानपुर मेडिकल कॉलेज एमबीबीएस प्रथम वर्ष छात्र), लखनऊ के हुसैनगंज निवासी शिवम चंद्रा और उग्रसेन, कुशीनगर के लहिया निवासी अभिमन्यु सिंह (केजीएमयू एमबीबीएस अंतिम वर्ष छात्र), बस्ती के रामेश्वरपुरी निवासी डा. राजेश रंजन, मऊ निवासी वीरेन्द्र बहादुर पाल और लखनऊ के हुसैनगंज निवासी प्रफुल्ल चंद वैश्य को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ ने इनके कब्जे से आठ डिवाइस लगी बनियान, दो कार, तीन मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, तीन लैपटॉप, दो डोंगल, एक राऊटर, दो बगिंग डिवाइस समेत कई महत्वपूर्ण उपकरण बरामद किए हैं। पूर्व एमएलसी दयाराम पाल के पुत्र और मऊ में स्कूल-कालेज संचालित करने वाले वीरेन्द्र पाल के वाहन पर विधायक लिखा हुआ था और उसने एसटीएफ पर दबाव बनाने की भी कोशिश की।
उधर, सीपीएमटी के दौरान आगरा के एसएन के मेडिकल और इंटनर्शिप कर रहे छात्रों को लेक्चर थिएटर में बिठा दिया गया था, जिससे वे साॅल्वर के रुप में शामिल नहीं हो सकें। इसमें करीब 60 छात्र अनुपस्थित थे। उनकी भी जांच की जा रही है। प्राचार्य डाॅ अजय अग्रवाल ने बताया कि अनुपस्थित मेडिकल छात्रों से अनुपस्थित रहने का कारण पूछा गया है।
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