मथुरालीक्स… मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सात सितंबर को। श्रीकृष्ण जन्म महाभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात रात 11 बजे श्रीगणेश- नवग्रह पूजन से शुभारंभ। जानें क्या-क्या होंगे कार्यक्रम..
1008 कमल-पुष्पों से ठाकुरजी का सहस्त्रार्चन

श्रीकृष्ण के 5250वें जन्मोत्सव पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्म महाभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात 11 बजे श्रीगणेश- नवग्रह आदि पूजन से आरंभ होगा।1008 कमल-पुष्पों से ठाकुरजी का सहस्त्रार्चन करते हुए आह्वान किया जाएगा।
रात 12 भगवान के प्राकट्य पर बजेंगे मृदंग, झांझ मंजीरे
रात 12 -बजे भगवान के प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़े, झांझ-मंजीरे, मृदंग बज उठेंगे। श्रद्धालुओं का प्रवेश रात 1.30 बजे तक होगा।
श्रीकृष्ण का सोमनाथ पुष्प बंगला, प्रज्ञान पोशाक
इससे पूर्व चंद्रमा पर भारत की झलक ठाकुरजी के श्रृंगार में भी झलकेगी। भगवान श्रीकृष्ण सोमनाथ पुष्प बंगला में विराजमान होंगे। प्रज्ञान प्रभास पोशाक धारण करेंगे। जन्मोत्सव पर चंद्रयान-3 की सफलता का उत्सव होगा।
बंगले का नाम इसरो प्रमुख के नाम पर
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ (श्रीधर परिकर सोमनाथ) के नामानुरूप बंगला का नाम सोमनाथ पुष्प- बंगला किया गया है।
नयनाभिराम होंगे ठाकुरजी के श्रृंगार
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि जन्मोत्सव पर साज-सज्जा, ठाकुरजी की पोशाक, श्रृंगार नयनाभिराम होगा। श्री गर्भगृह के भीतरी और बाहरी भाग को कारागार का स्वरूप प्रदान किया जाएगा। पर्व के अनुकूल प्रकाश का संयोजन भी गर्भगृह की भव्यता व दिव्यता में वृद्धि करेगा।