आगरालीक्स .(चमन शर्मा) ..यह सात साल की चंचल है, घर के बाहर खेल रही थी, कार के पहिए चंचल के पेट के ऊपर से निकल गए, इसके बाद जो हुआ, वह आपको चिकित्सा के क्षेत्र में नई उम्मीद की दिशा दिखाएगा।
सात चाल की चंचल घर के बाहर खेल रही थी, इसी दौरान कार आ गई और चंचल के ऊपर से कार के पहिए निकल गए। मुंह से खून निकल रहा था, परिजन नयति मेडिसिटी मथुरा लेकर पहुंचे। यहां जांच में पता चला कि चंचल के फेफडे, स्प्लीन और लिवर फट गया।
एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने आॅपरेशन के बिना किया इलाज
नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आरके मनी के नेत्रत्व में आईसीयू की टीम और पिडियाट्रिक सर्जन डॉ विक्रम अग्रवाल ने चंचल के रिस्क फैक्टर देखने के बाद फैसला लिया कि आॅपरेशन किए बिना इलाज किया जाएगा। अब चंचल ठीक है, वह और उसके परिजन नयति मेडिसिटी के डॉक्टरों को धन्यवाद दे रहे हैं।
9 महीने के बच्चे की कार्डियक सर्जरी
नयति मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मथुरा में नौ महीने के बच्चे के ह्रदय की सर्जरी की गई, बच्चे के दिल में छेद थे। मथुरा के जैत निवासी गोविंद सिंह के 9 माह के बेटे को जन्म के कुछ महीनों बाद से बार-बार सांस संबंधी संक्रमण था। 7वें महीने में बच्चे को गंभीर रूप से सांस लेने में दिक्कत और
खांसी की शिकायत होने लगी जिसके बाद स्थानीय बाल रोग विषेशज्ञों ने उसका परीक्षण किया।
परीक्षण में निमोनिया के साथ ही हृदय से असामान्य आवाजें आने की बात का पता चला और उसे दिल्ली में डॉक्टरों को दिखाने की सलाह दी गई। व्यापक जांच परीक्षण के बाद बच्चे के निमोनियाका इलाज किया गया और इसके साथ ही बच्चे के हृदय में आर्टियल और वेंट्रिक्यूलर स्तर पर कई छेद के साथ ही हृदय की प्रमुख धमनियों के बीच असामान्य संपर्क और बाएं फेफड़े की ओर जाने वाली खून की नस के संकरे होने का पता चला। नयति के डॉक्टरों की टीम ने कार्डियक सर्जरी कर बच्चे की जान बचाई।