
इस अवसर पर मण्डलायुक्त प्रदीप भटनागर ने कहा कि रंग बिरंगे फूल कुदरत की अमूल्य देन हैं। फूलों को देखकर आनन्द और सुगन्ध ग्रहण करके खुशहाली मिलती है, जो हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है। फूल हमारी परम्पराओं के अनुसार मन्दिरों में चढ़ाये जाते हैं। मुगल शासकों ने गार्डन तैयार किए और अंगेजों ने इसे घरेलू चीज बना दी, उनके घर में फूलों का बगीचा अवश्य होता था। उन्होंने घर-घर फूलों की खेती शुरू की जिसे कायम रखना है।
बढ रही मांग
वेलेन्टाइन डे, मदर्स डे, फादर्स डे, जैसे विभिन्न त्योहार मनाये जाने से फूलों के बुके बड़ी मात्रा में खरीदे जाते हैं। फूलों की मांग निरन्तर बढ़ रही है। उन्होंने आगरा मण्डल के सभी किसानों से आह्वान किया कि वे फूलों की खेती कर आमदनी बढ़ाएं। गेंदा के अलावा गुलदाउदी और ग्लैडियोलाई की खेती भी शुरू करने का आहवान करते हुये कहा कि इन फूलों की बड़े शहरों में अधिक मांग है इसलिए इसकी खेती करेंगे तो निश्चित रूप से अधिक फायदा होगा। विभिन्न किस्मों के उत्पादनों को बढ़ाने की अपनी करते हुए कहा कि लम्बा कद्दू विश्व में बड़ा लोकप्रिय हो रहा है जो सेहत के लिए भी लाभदायक है। सलाद भी एक नई फसल है, जिसका शहरों में अधिक प्रयोग हो रहा है। सलाद खाने से मोटापा नहीं बढ़ता है, जिसके कारण मांग बढ़ती जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी नागेन्द्र प्रताप, उप निदेशक उद्यान भैरम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी जनपदों के जिलाउद्यान अधिकारी तथा उन्नतशील किसान भी उपस्थित थे।
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