
आरएस बाबू ने 10 से अधिक केस स्टडी के माध्यम से लोन लेने के बाद बैंकों के साथ होने वाले धोखाधड़ी के मामलों को बताते हुए उन तकनीकि बिन्दुओं पर प्रकाश डाला जिससे इससे बचा जा सके। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि कमलदीप प्रसाद (डीजीएम, एसबीआई), लोकेश चंद्र लवानिया (एजीएम, एसबीआई) ने दीप जलाकर किया। आईओवी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप कुमार देव ने बताया कि ओटीएस (वन टाइम सेटेलमेंट) के मामले रहें हैं, जिससे बैंकों के नुकसान का ग्राफ भी बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में आईओवी के देश भर से लगभग 150 मैम्बर ऑफ काउंसिल ने भाग लिया। मुख्य रूप से चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, गोवा, नागपुर, हैदराबाद, लखनऊ, इंदौर, बढ़ौदरा, गुड़गांव, उदयपुर, रांची, भुवनेश्वर आदि से थे। संचालन आईओवी के चेयरमैन अजीत फौजदार ने किया व धन्यवाद ज्ञापन सचिव अर्चना यादव ने दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से ओपी शर्मा, उमेश गर्ग, सीएस गुप्ता, डीके शर्मा, राजीव परवार, टीसी अग्रवाल, विशाल सोलंकी, सुभाष चंद, एनसी जैन, जगवीर सिंह, मनोज कुलश्रेष्ठ, आरएस गुप्ता, राजीव गुप्ता आदु मौजूद थे।
प्रोपर्टी मूल्यांकन के समय रखें ध्यान
-मल्टीपल फाइंसेंस के मामले रोकने के लिए सभी बैंकों का आपस में लिंक होना जरूरी है।
-रजिस्ट्री के समय जीपीएस कार्डिनेट दिया जाए तो 10 हजार साल पुरानी जगह भी नहीं बदल सकती।
-खुली जगह या जहां एक एक बड़ी जगह के कई मालिक हों वहां के मूल्यांकन में पटवारी की मदद अवश्य लें।
-जहां ले आउट नहीं है वहां प्रोपर्टी की पहचान करने के लिए स्थानीय जांच, जैसे बाउंड्री का मिलान, बिजली का बिल आदि से पहचान करें।
-वैल्यूअर को सभी दस्तावेज बैंक को उपलब्ध कराने चाहिए। असली दस्तावेजों के बिना मुल्यांकन न करें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की आगरा ब्रांच की घोषणा
राष्ट्रीय अध्यक्ष आरएस बाबू ने बधाई देते हुए आगरा ब्रांच के शुरू होने की घोषणा की व उपाध्यक्ष संदीप कुमार देव ने इसका परिचय दिया। मुख्य अतिथि कमलदीप ने गरा ब्रांच के मैम्बर को शपथ दिलाई। इस मौके पर आगरा ब्रांच के चेयरमैन अजीत फौजदार ने कहा कि अब आगरा में भी एक ऐसा मंच उपलब्ध हो सकेगा जहां, बैंक, आर्किटेक्ट, इंजीनियर व चार्टेट एकाउंटेंट एक साथ बैठकर समस्याओं अपनी समस्याओं और नए सुझावों का आदान प्रदान कर सकेंगे। आगरा ब्रांच की सचिव अर्चना यादव भी इस मौके पर मौजूद थीं।
Leave a comment