आगरालीक्स…(13 January 2022 Agra News) आगरा में 48 घंटे में लगभग 1300 कोरोना पॉजिटिव मिले. लापरवाही बेहिसाब. 50 प्रतिशत लोग ही लगा रहे मास्क..सतर्क रहना जरूरी हो गया है…
शहर में कोरोना के सामुदायिक संक्रमण का खतरा बढ़ा
शहर में जिस तेजी से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं उससे इसके सामुदायिक संक्रमण प्रसार का खतरा पैदा हो गया है। बीते 48 घंटे में रिकार्ड 1297 नए केस कोरोना के मिले हैं। इससे ठीक एक दिन पहले 277 केस मिले थे। केसों की ये रफ्तार इस ओर इशारा कर रही है कि बीमारी का प्रसार एक से दूसरे के बीच हो रहा है। यह स्थिति तो तब है जब जांच कम हो रही हैं। यदि कायदे से जांच हो तो भयावह हालात सामने आ सकते हैं क्योंकि बहुत सारे उन लोगों में कोरोना के लक्षण हो सकते हैं जो जांच नहीं करा पा रहे हैंं।
दूसरी लहर में मिले थे इतने संक्रमित
बुधवार को कोरोना के 652 और गुरुवार को 645 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव फूल गये हैं। शहर में कोरोना का इतना बड़ा उछाल केवल दूसरी लहर के दौरान ही देखने को मिला था जब एक दिन में कोरोना का संक्रमण 700 को पार कर गया था। अप्रैल 2021 में दूसरी लहर के चरम पर पहुंचने से पहले 29 अप्रैल को 722 और 31 अप्रैल को 793 केस मिले थे। एक दिन में 793 नए केस मिलने का कोरोना काल का अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। करीब नौ माह बाद कोरोना के नए मरीजों की संख्या में इतना बड़ा उछाल आया है।

लोग हुए लापरवाह
दरअसल इस समय भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। हल्का सर्दी जुकाम होने पर गौर नहीं कर रहे हैं। कोरोना के ताजा लक्षणों में जुकाम, खांसी के साथ हल्का बुखार आना शामिल है। खांसी, बुखार को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसकी नतीजा यह निकल रहा है कि उनसे दूसरे लोगों में संक्रमण फैल रहा है। यही वजह है कि कोरोना के सामुदायिक प्रसार का खतरा पैदा हो गया है। इसके सामुदायिक प्रसार से बचना है तो मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करना होगा। सामाजिक दूरी के साथ बार-बार हाथ धोने या सेनेटाइज करने की फिर से आदत डालनी होगी।

आगरा में इस समय 2699 कोरोना संक्रमित
इस समय कुल 2699 कुल संक्रमित मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जब इन मरीजों के घरों पर जाकर फालोअप किया तो 1400 से अधिक घरों पर ज्यादातर लोगों को हल्का खांसी जुकाम था। किसी-किसी को बुखार भी आ रहा था। इन सभी को टीके लग चुके थे। किसी को एक तो किसी को दोनों टीके लग चुके थे। टीके लगने के कारण लोगों की इम्युनिटी मजबूत हो गयी है इसलिए इस बार कोरोना का वायरस ज्यादा असर नहीं कर पा रहा है। इन सभी मरीजों का आक्सीजन लेवल एकदम ठीक था तथा सभी सामान्य दिनों की तरह कामकाज कर रहे हैं।
वैक्सीनेशन से मरीजों की हालत सामान्य
तीसरी लहर में भले ही मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही हो लेकिन राहत की बात यह है कि वैक्सीनेशन के चलते मरीजों की हालत सामान्य बनी हुई है। केवल उन मरीजों की स्थिति बिगड़ रही है जो कैंसर, टीबी सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पहले से पीड़ित हैं। इसीलिए चिकित्सक उन लोगों से टीका लगवाने की लगातार अपील कर रहे हैं जिन्होंने अभी तक टीका नहीं लगवाया है। टीका लगवाकर वे स्वयं को सुरक्षित कर सकते हैं। जिन्होंने टीके की पहली डोज ले ली है उनसे दूसरी डोज लेने की अपील की जा रही है।