आगरालीक्स…(9 February 2022 Agra News) आगरा की छावनी विधानसभा सीट पर भाजपा-बसपा जंग इस बार आमने –सामने की न होकर त्रिकोणात्मक हो गई है। सपा-रालोद प्रत्याशी ने इस सीट की जंग को रोमांचक बना दिया है।
भाजपा का अपने वोटों के सहारे जीत का भरोसा
आगरा की छावनी विधानसभा सीट पर भाजपा के डा. जीएस धर्मेश मैदान को दूसरी बार फतह करने के लिए मैदान में हैं। भाजपा को इस सीट पर अपने परंपरागत वोटों का पूरी तरह से भरोसा है। साथ ही विकास कार्य भी उसकी स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, जिससे अन्य समाज का वोट उसके खाते में आने से पिछले चुनाव की तरह जीत का गणित है, जो उसकी मजबूती को दर्शाता है लेकिन हकीकत में इसमें इस बार बदलाव आया है।
वैश्य समाज के वोटों के झुकाव से समीकरण बदले
इस सीट के वैश्य समाज, वोटों का झुकाव दूसरी ओर हो रहा है। मुस्लिम समाज के वोट एक तरफ झुके रहे हैं, जिससे भाजपा की राह आसान नजर नहीं आ रही है।
सपा-रालोद की ओर से वकील की जोरदार पैरवी
सपा-रालोद गठबंधन की ओऱ से कुंवर सिंह वकील इस बार मुकाबले को त्रिकोणात्मक संघर्ष की ओर ले आए हैं। गठबंधन प्रत्याशी के जाटव समाज का होने का कारण दलित समाज का वोट उनके पक्ष में आ रहा है। समाज में उनकी छवि भी काफी प्रभावित करने वाली रही है।
मुस्लिम प्रत्याशी न होने से वोट कटने का खतरा नहीं
साथ ही इस सीट पर इस बार किसी प्रमुख दल ने मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा है, जिसकी वजह से इस सीट पर मुस्लिम समाज का वोट पूरा मिलने की गठबंधन प्रत्याशी को उम्मीद है। साथ ही अब तक भाजपा से नाराजगी रखने वाला सवर्ण समाज का वोट कटकर गठबंधन प्रत्याशी के खाते में जा रहा है, जो उसकी स्थिति को मजबूत कर रहा है।

मुस्लिम वोटों के रुख से बसपा में बेचैनी
बसपा से भारतेंदु अरुण चुनाव मैदान में है। बसपा इस सीट पर जीत की हैट्रिक लगा चुकी है। बसपा की जीत का गणित अब तक बसपा के परंपरागत वोटों के अलावा मुस्लिम वोट रहे हैं।
बसपा जीत फार्मूला सफल बनाने को झोंक रही ताकत
इसी वजह से दो बार बसपा के सहारे मुस्लिम प्रत्याशी और एक बार जाटव प्रत्याशी जीता है। बसपा को इसी फार्मूले पर जीत का भरोसा है। लेकिन इस बार सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी कुंवर चंद्र वकील ने गड़बड़ा दिए हैं। इससे बसपा की चिंता की लकीरें गहरा गई हैं।
कांग्रेस का मुकद्दर का सिकंदर होना मुश्किल
कांग्रेस से सिकंदर वाल्मीकि चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस इस सीट पर जीत का आधार बदलाव की बयार मान रही हैं। कांग्रेस के अपने पुराने वोटों के अलावा वाल्मीकि व अन्य दलित समाज, मुस्लिम वोटों का भरोसा है लेकिन कांग्रेस के लिए मुकद्दर का सिकंदर होना मुश्किल नजर आ रहा है।
आगरा छावनी के सिकंदर
2017 डा. जीएस धर्मेश भाजपा
2012 गुटियारी लाल दुबेश बसपा
2007 जुल्फिकार अहमद भुट्टो बसपा
2002 मोहम्मद बशीर बसपा
1996 केशो मेहरा भाजपा
1993 रमेशकांत लवानियां भाजपा
1991 हरद्वार दुबे भाजपा
1989 हरद्वार दुबे भाजपा
1985 कृष्णवीर सिंह कौशल कांग्रेस
1980 कृष्णवीर सिंह कौशल कांग्रेस
1977 कृष्णवीर सिंह कौशल कांग्रेस
खास-खास
छावनी विधासभा सीट पर मतदाता 4,62,281
आगरा छावनी सीट पर युवा वोटर 4316
लड़के इस सीट पर पहली बार वोट करेंगे 2244 लड़कियां इस बार इस सीट पर वोट करेंगी 2072