आगरालीक्स…बच्चों की परीक्षाएं कैसे होंगी— आफलाइन या आनलाइन. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनाया अपना फैसला, कहा—भ्रम न फैलाएं…
उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी राज्यों व सीबीएसई तथा आईसीएसई के बोर्ड एग्जाम यानी 10वीं और 12वीं की परीक्षा आफलाइन मोड में ही होंगी. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस तरह की याचिका दायर करने पर रोक लगनी चाहिए क्योंकि इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है. कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के जज एएम खनविलकर ने कहा कि इस तरह की याचिका केवल पब्लिसिटी पाने के लिए दायर की जाती हैं, लेकिन इससे एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के बीच भ्रम पैदा हो जाता है. ऐसे में इन याचिकाओं पर रोक लगनी चाहिए. बता दें कि याचिका में सीबीएसई, आईसीएसई और एनआईओएस समेत सभी राज्यों की तरफ से आयोजित की जाने वाली आफलाइन यानी फिजिकल बोर्ड एग्जाम को रद करने की मांग की गई थी.

याचिका में कहा गया था कि कोरोना केस घटने के बावजूद आफलाइन कक्षाएं आयोजित नहीं की गईं तो ऐसे में आफलाइन परीक्षाएं कैसे हो सकती हैं, इन्हें रद करना चाहिए और वैकल्पिक मूल्यांकन प्रक्रिया तैयार की जानी चाहिए. बता दें कि CBSE ने 10वीं और 12वीं की सेकेंड टर्म के एग्जाम 26 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं. इस संबंध में अप्सा अध्यक्ष एवं प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए अपार हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इन बोर्ड परीक्षाओं को ऑफलाइन कराने के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा लिया गया निर्णय अत्यंत प्रशंसनीय है क्योंकि ऑफलाइन परीक्षाओं के द्वारा ही विद्यार्थियों के द्वारा अर्जित ज्ञान का सही मूल्यांकन हो सकता है।