आगरालीक्स ……आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान की शोध छात्रा की लैब में रेप के बाद हत्या को नौ साल हो चुके हैं, 43 गवाह हैं, 25 की गवाही हो चुकी है। 22 मार्च को अगली सुनवाई.
होगी। शोध छात्रा के पिता का कहना है थ्क इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी, बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा दिलवाने तक।
आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान में 15 मार्च 2013 की रात को लैब में शोध छात्रा का शव मिला था, कपड़े उतरे हुए थे और शोध छात्रा की कार दयालबाग शिक्षण संस्थान से आगे रोड पर मिली थी। इस मामले को लेकर दयालबाग शिक्षण संस्थान के छात्रों ने जमकर हंगामा किया, जस्टिस फोर शोध छात्रा की मांग की। पुलिस ने 22 अप्रैल 2013 को शोध छात्रा की हत्या के आरोप में संस्थान के अधिकारी के रिश्तेदार बीएससी के छात्र उदय स्वरूप और लैब सहायक यशवीर संधू को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।

सीबीआई की जांच में रेप के बाद हत्या की पुष्टि, 2016 में कोर्ट में आरोप पत्र किया दाखिल
इस मामले में प्रदेश सरकार ने 22 जुलाई 2013 को सीबीआई से जांच कराने की मांग की। सीबीआई को जांच सौंपी गई, सीबीआई ने अपनी जांच के बाद पांच जनवरी 2016 में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया, आरोप पत्र में उदय स्वरूप पर रेप, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए गए जबकि लैब सहायक यशवीर संधू को क्लीन चिट दे दी गई। इसके बाद से उदय स्वरूप जेल में है और कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। 43 गवाह हैं इसमें से 18 की गवाही होना बाकी है।
22 मार्च को सुनवाई
इस मामले में अब अगली सुनवाई अपर जिला जज प्रथम सुधीर कुमार के कोर्ट में 22 मार्च को होगी। इसमें पुलिस और सीबीआई के निरीक्षक के बयान दर्ज किए जाएंगे।
सीबीआई के लिए डीएनए रिपोर्ट बनी अहम
दयालबाग शिक्षण संस्थान की शोध छात्रा की रेप के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने 16 जुलाई 2013 को विवेचना पूरी करते हुए सीओ कार्यालय में आरोप पत्र भेजा। इसमें रेप के प्रयास और हत्या के आरोप तय किए गए। वहीं, इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई तो सीबीआई ने 64 गवाह बनाए, शोध छात्रा के साथ रेप की आशंका के चलते स्लाइड बनाई गई थी, इसका डीएनए सैंपल भी लिया गया था। डीएनए सैंपल का मिलान आरोप उदय स्वरूप के डीएनए से कराया गया, उदय स्वरूप का डीएनए का मिलान हो गया। सीबीआई के लिए यह अहम सुबूत था और रेप की धारा बढ़ा दी गई।
10 फरवरी 2014 को मिल गई थी जमानत
मामले की जांच सीबीआई को सौंपने पर उदय स्वरूप और यशवीर संधू को 10 फरवरी 2014 को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। मगर, पांच जनवरी 2016 को सीबीआई द्वारा आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत करने और उदय स्वरूप पर रेप की धारा बढ़ाने के बाद दोबारा जेल भेज दिया गया। इस मामले में यशवीर संधू बाहर है।