
इंटरनेट फोटो
आगरा के कश्मीरी बाजार क्षेत्र में 15-20 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के एक जागरूकता कार्यक्रम के संबंध में एक संस्था के कार्यकर्ता प्रचार के लिए पहुंचे थे। कार्यकर्ता की मुलाकात एक युवती से हुई। उसने एक पर्ची थमा दी। पर्ची में लिखा था कि मुझे कोठे में कैद करके रखा गया है। मुझे यहां से निकाल लो। इस पर कार्यकर्ता ने कई दिन तक उस युवती से गुपचुप तरीके से मुलाकात की। दो दिन पहले युवती कोठे से भाग निकली। कार्यकर्ता ने उसे पंचशील आश्रय गृह में पहुंचा दिया।
छह साल से देह व्यापार और शोषण
काउंसलिंग के दौरान युवती ने बताया कि वह पुणे की रहने वाली है। उसकी उम्र तकरीबन 20 साल है। छह साल पहले एक महिला उसे घुमाने के बहाने अपने साथ ले आई थी। इसके बाद बसई में रखा, जहां उसका सौदा कर दिया। इसके बाद उसे कश्मीरी बाजार के कोठे में लाकर जबरन देह व्यापार कराया जाने लगा। कोठों पर उसका उत्पीड़न किया जाता है। कोठों से बाहर जाने पर मारपीट की जाती है। जिस कोठे पर उसे रखा गया, वहां तीन और लड़कियां हैं। इनमें एक 16 साल की है। वह भी अपने घर जाना चाहती हैं, लेकिन उन्हें निकलने नहीं दिया जा रहा है। युवती ने उन्हें भी मुक्त कराने की मांग की।
कोठे पर लगती है बोली
देह व्यापार के लिए कोठो पर युवतियों के शरीर की बोली लगती है, सकरी गलियों में चल रहे कोठो से वहां के स्थानीय लोग भी परेशान हैं। इस साल कश्मीरी बाजार से कई युवतियों को पुलिस मुक्त करा चुकी और छापे मारे जा रहे हैं।
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