आगरालीक्स ….आगरा में परिवारिक विवाद के चलते अपनी मां के पास रह रहे बेटे से मिलने के लिए युवक ने कोर्ट की मदद ली। कोर्ट ने महीने में दो बार बेटे से मिलने और चार बार वीडियो कॉल पर बात करने की अनुमति दी है। शादी छह साल पहले हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, युवक ने अपनी पत्नी के खिलाफ प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था, इसमें उन्होंने कहा कि 2016 में शादी हुई थी। पांच साल का बेटा है, वह अपनी मां के साथ रहता है, बेटे से मिलने के लिए विधिक रूप से अनुमति प्रदान की जाए।

युवक पर लगाए गए आरोप
इस मामले में विपक्षी ने आपत्ति प्रस्तुत की, इसमें कहा कि युवक खुद अपने बच्चे से नहीं मिलना चाहता है। उसे बच्चे से कोई लगाव नहीं है, उसकी खैरखबर तक नहीं लेता है, पिता के कर्तव्य को भी पूरा नहीं करता है। अगर, उसकी अभिरक्षा में पुत्र दिया जाता है तो उसका भविष्य खराब हो जाएगा। बच्चे के मन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, उसके जीवन को भी खतरा हो सकता है।
महीने में दो बार बेटे से मिलने की दी गई अनुमति
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने प्रार्थी पिता के अधिवक्त्ता के तर्क के आधार पर प्रार्थना पत्र स्वीक्रत कर दिया। युवक को अपने बेटे से महीने में दो बार मिलने, जन्मदिन और त्योहार पर भी मिलने के साथ महीने में चार बार वीडियो कॉल पर भी बात करने की अनुमति दी है। वादी की पैरवी अधिवक्ता शैलेंद्र पाल सिंह और शुभम पाल सिंह ने की।
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