आगरालीक्स….. आगरा में रोटरी क्लब आफ आगरा नेत्रदान की अलख जा रही है, निधन के छह घंटे तक नेत्रदान हो सकता है। पूरी आंख नहीं निकाली जाती है, कार्निया ली जाती है जिसका पता भी नहीं चलता है।

आगरा के होटल क्लार्क शिराज में शुक्रवार को रोटरी क्लब आफ आगरा द्वारा नेत्रदान पर जागरूकता के लिए कार्यशाला आयोजित की। एसएन मेडिकल कालेज की नेत्ररोग विभाग की डॉ. शेफाली मजूमदार ने नेत्रदान को लेकर लोगों में भ्रांतियां और जिज्ञासाओं को शांत किया। उन्होंने कहा कि खून के बाद नेत्रदान, इन दोनों को दान करने की प्रक्रिया आसान है और तमाम लोगों की जान बचाई जा सकती है। कार्यक्रम के संचालक रोटरी क्लब आगरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आलोक मित्तल ने कहा कि साल भर नेत्रदान के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।
अध्यक्ष निर्वाचित प्रो मृणाल शर्मा, प्रो आर एल भारद्वाज, संयुक्त सचिव आरती मेहरोत्रा, सचिव निर्वाचित मनोज कुमार, नेत्रपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष दिगम्बर सिंह धाकरे, संजीव अग्रवाल, विष्णु मेहरा, राजेश जैन, विपुल गर्ग, राधेश्याम शर्मा, डॉ. आमोद शंकर , संगीता अग्रवाल, नम्रिता पनेकर आदि मौजूद रहे।
10 मिनट में हो जाता है नेत्रदान
निधन होने पर आंखों को बंद कर दें
चार से छह घंटे के अंतराल में नेत्रदान की प्रक्रिया हो जानी चाहिए
नेत्रदान करने के लिए एसएन मेडिकल कालेज, आगरा की टीम फोन आने पर पहुंच जाती है
आंखों की कार्निया को लिया जाता है, आंख वैसी ही रहती है
10 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाती है
नेत्रदान करने के लिए एसएन मेडिकल कालेज, आगरा का हेल्प लाइन नंबर -9639592894