आगरालीक्स …..आगरा में डॉक्टर और मरीजों के बीच विवाद न हो, इसके लिए रास्ता निकाला गया है, जानें किस तरह से विवाद को किया जा सकता है कम।
रविवार को होटल एसआर पैलेस, सिकंदरा में एसोसिएशन आफ सर्जन्स आफ आगरा एएसए और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशियलिटी आइएमए, एएमएस की चिकित्सकीय पेशे में मेडिकोलीगल पहलुओं पर चर्चा की।

कार्यशाला का शुभारंभ सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने किया। श्री ब्रजेश यादव गेस्ट ओफ़ ऑनर व आइएमए, आगरा के अध्यक्ष डा. ओपी यादव ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य वक्ता एडवोकेट नितेश जैन, एडवाइजर आइएमए, राष्ट्रीय इकाई ने कहा कि मेडिकोलीगल मामले बढ़ रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण डाक्टर और मरीज व उनके तीमारदारों के बीच संवादहीनता है। इलाज के हर पहलू को मरीज और तीमारदारों को समझा दिया जाए तो इस तरह के मामले कम हो सकते हैं। डा. देवेंद्र गुप्ता मेडिकल लीगल कंसल्टेंट ने कहा कि मरीज और उसके परिजन चाहते हैं कि वे जब फीस दे रहे हैं तो मरीज ठीक होना चाहिए। मगर, मरीज की बीमारी किस स्तर तक ठीक हो सकती है, इस बारे में नहीं बताया जाता है। यह भी विवाद का एक बड़ा कारण है। आपरेशन से पहले जिस कंसल्ट के लिए तीमारदार के हस्ताक्षर कराए जाते हैं उस बारे में विस्तार से चर्चा करनी चाहिए। एएसए के अध्यक्ष डा. सुनील शर्मा ने कहा कि चिकित्सक के भी अपने अधिकार होते हैं, उन्हें बेवजह किसी मामले में फंसाया जा रहा है तो वे डरे नहीं। अपने पक्ष को सामने रखें और ऐसे मामलों में मानहानि का मुकदमा कराएं। आइ ऐम ए आगरा के सचिव डॉक्टर पंकज नगायचने कहा कि डॉक्टर को पूर्ण पारदर्शिता रखनी चाहिए।डा. समीर कुमार और डा. अंकुर बंसल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। एसएन के रेजीडेंट शिवम और सिमरन ने संचालन किया। डॉक्टर अनूप दीक्षित मौजूद रहे Ima ams का इन्स्टलेशन भी हुआ डॉक्टर अनुभव गोइल अध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र सचिव डॉक्टर अंकुर ट्रेज़र बने कार्यशाला में मौजूद रहे डॉक्टर आर सी अग्रवाल ,डॉक्टर संतोष कुमार डॉक्टर अरुण जैन ,डॉक्टर जेतेंद्र चौधरी , डॉक्टर करन रावत ,डॉक्टर di वी शर्मा मौजूद रहे