आगरालीक्स…. आगरा में सर्दियों में सांस लेने में दिक्कत करने वाले प्रदूषण का कारण आईआईटी कानपुर की स्टडी में आया सामने। सबसे ज्यादा प्रदूषण भगवान टॉकीज पर वाहनों के कारण ही नहीं, प्रदूषण का एक बड़ा कारण और आया सामने।
आगरालीक्स आगरा में सर्दियों में सांस लेने में दिक्कत करने वाले प्रदूषण का कारण आईआईटी कानपुर की स्टडी में सामने आ गया है। आप भी जान लें, क्यों बढ़ रहा है आगरा में प्रदूषण, रोड सिल्ट से लेकर रोड डस्ट और वाहनों के प्रदूषण से हालात बिगड़ रहे हैं।
आगरा में प्रदूषण घातक स्तर पर रहता है, इससे बच्चों से लेकर बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की सांस उखड़ने लगती है। इन हालातों को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आगरा में प्रदूषण के कारण और समाधान के लिए आईआईटी कानपुर की टीम से सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी यानी प्रदूषक तत्वों के सोर्स की स्टडी कराई।

स्टडी में ये कारण आए सामने
आईआईटी कानपुर द्वारा की गई स्टडी में प्रदूषण के कारणों में सड़क निर्माण, सड़क के क्षतिग्रस्त होने से उड़ने वाली धूल। सड़क के किनारे नालों से निकाली गई सिल्ट एक बड़ा कारण है। इससे पर्टिकुलेट मैटर वातावरण में ज्यादा घुल रहे हैं। इसके साथ ही शहर में जगह जगह लगने वाले जाम में फंसने से वाहनों का प्रदूषण भी एक बड़ा कारण है। इसके चलते भी प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
इन क्षेत्रों में सड़क की धूल और सिल्ट की मात्रा ग्राम प्रति वर्ग मीटर में सबसे अधिक
रोहता रोड 55.1
शाहदरा चुंगी 48.6
भगवान टॉकीज 48.5
प्रथ्वीनाथ फाटक 45.2
खेरिया मोड 35.2
रामबाग 24.5
सबसे कम रोड डस्ट और सिल्ट
सर्किट हाउस 7.4
ताजमहल पश्चिमी गेट 8.4
सुभाष पार्क 8.8
आगरा किला 9.3
प्रतापपुरा 11.2
हरीपर्वत 13.75
प्रदूषण का स्तर कंट्रोल करने के लिए की गई सिफारिश
रोड सिल्ट और रोड डस्ट के लिए पानी का नियमित छिड़काव किया जाए, वैक्यूम स्वीपिंग कराइ्र जाए
सड़कों के किनारों पर सीमेंट के टाइल्स लगाए जाएं
सड़कों के किनारे पौधे लगाए जाएं
नालों की डीसिल्टिंग कराई जाए
यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाए, जिससे जाम न लगे
कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन रूल का पालन कराया जाए