आगरालीक्स…जज्बे को सलाम, सड़क पर तड़प रहा था युवक, 12वीं के छात्र ने उठाया, ई-रिक्शा में लिटाया और पहुंचा दिया अस्पताल, बच गई जान, छात्र बोला पिता कहते हैं जीना इसी का नाम है
आगरा में एक 12वीं के छात्र ने मिसाल पेश की है। उसका कहना है कि अच्छा काम करने में डर कैसा, पिता सिखाते हैं दूसरों की मदद करो, जीना इसी का नाम है।
दरअसल पूरा मामला बुधवार रात 10 बजे का है। घटिया आजम खां निवासी प्रशांत प्रजापति खाना खाने के बाद टहलने निकले थे। घर से थोड़ा ही दूर एक हादसे के बाद एक व्यक्ति को घायल पड़ा देखा। यह व्यक्ति बाइक से जा रहे थे और एक अन्य वाहन ने इनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। इससे वे सड़क पर गिरकर घायल हो गए थे और सिर से काफी खून बह रहा था। प्रशांत फौरन वहां पहुंचे और 10 मिनट तक दूसरे वाहनों को रोक कर मदद मांगी। मदद न मिलने पर वे भागकर अपने घर पहुंचे और ई-रिक्शा निकाला।

प्रशांत के पिता आॅटो चलाते हैं। वापस घटना स्थल पर आकर प्रशांत ने कुछ राहगीरों की मदद से घायल व्यक्ति को ई-रिक्शा में लिटाया और लेकर एसएन मेडिकल काॅलेज पहुंच गए, जहां डाॅक्टरों ने इलाज करना शुरू कर दिया। प्रशांत ने बताया कि घायल व्यक्ति की जेब में मोबाइल फोन था। प्रशांत ने इस फोन को जेब से निकाला, घायल के फिंगर प्रिंट लगाए और एक नंबर लगाया जो घायल व्यक्ति के पिता का था। पिता से बात होने के बाद भी प्रशांत कुछ देर वहीं रूके रहे और डाॅक्टरों ने मरीज के ठीक होने की बात बताई। अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों ने प्रशांत के प्रति आभार प्रकट किया और उनके जज्बे को सलाम किया।
प्रशांत ने बताया कि उनके पिता का नाम मातादीन है और वे आॅटो रिक्शा चलाते हैं। इतनी मेहनत करके वे तीन बच्चों को पढ़ा रहे हैं। प्रशांत का छोटा भाई नवीं कक्षा का जबकि बड़ी बहन बीएससी की छात्रा है। पिता अपने सभी बच्चों को दूसरों की मदद करने की सीख देते हैं। वे कहते हैं कि जीना इसी का नाम है। प्रशांत के पिता मातादीन डाॅ. नवीन गुप्ता की बनाई टीम एसओएस के सदस्य हैं। वे एसओएस के लिए भोजनालय संचालन में भी कदद करते हैं।