आगरालीक्स…आगरा जोन के 160 कोचिंग सेंटर संचालकों को पुलिस ने भेजा नोटिस. युवाओं के उकसाने के मामले में भूमिका आई सामने तो होगी कड़ी कार्रवाई. बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कोचिंग सेंटर्स पर भी अब शिकंजा
अग्निपथ योजना का युवाओं द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है. हाइवे, एक्सप्रेस वे सहित बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर जमकर उपद्रव किया जा चुका है. पुलिस अब उपद्रव करने वालों की जांच कर रही है जिसमें पुलिस को कुछ कोचिंग सेंटर संचालकों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है. ऐसे कोचिंग संचालकों पर अब पुलिस की टेढ़ी नजर है. आगरा जोन में ही पुलिस ने 160 कोचिंग सेंटर्स के संचालकों को 107/16 सीआरपीसी के तहत नोटिस दिए हैं.
नोटिस के बाद पुलिस ने ऐसे कोचिंग संचालकों से कहा है कि अगर युवाओं को उकसाने के मामले में कहीं भी भूमिका मिली तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि अग्निपथ योजना के विरोध में पुलिस को इनपुट मिला था कि कोचिंग सेंटर संचालक युवाओं को उकसा रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने आगरा जोन के सभी जिलों में संचालित कोचिंग सेंटर्स की जानकारी जुटाई. इनमें बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर्स संचालकों की भूमिका संदिग्ध मिली. एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि जोन में कुल 248 पंजीकृत कोचिंग सेंटर्स संचालित हैं. इनमें से 160 कोचिंग सेंटर्स को नेाटिस भेजा गया है. एडीजी जोन ने बताया कि जोन में अब तक 12 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें से अलीगढ़ में चार, मथुरा में पांच तथा आगरा, फिरोजाबाद व मैनपुरी में एक—एक मुकदमा दर्ज है. अब तक जोन में 150 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
बिना पंजीकरण चल रहे कोचिंग सेंटर्स पर भी अब शिकंजा
पुलिस अब बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित कोचिंग सेंटर्स पर भी शिकंसा कसने का मन बना रही है. पुलिस प्रशासन द्वारा कोचिंग सेंटरों के बारे में जानकारी की गई तो कई कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित होने की जानकारी हुई. इनको भी नोटिस दिए गए हैं. इन पर उप्र कोचिंग विनियमन एक्ट 2002 के तहत एक लाख रुपये तक के जुर्माने की वसूली हो सकती है.