आगरालीक्स…. सुलहकुल की नगरी आगरा का जन्म कब हुआ, 9 सदस्यीय कमेटी ने चार सुझाव दिए हैं। 24 अगस्त, एक सितंबर, 7 अक्टूबर और नौ अक्टूबर। नगर निगम में तीन दिन तक आगरावासी अपने सुझाव दे सकते हैं। जानें ये चार दिन क्यों माने गए आगरा दिवस के लिए।
आगरा की स्थापना पर आगरा दिवस मनाने के लिए नगर निगम में प्रस्ताव लाया गया, लेकिन किस दिन आगरा दिवस मनाया जाए। इसका निर्णय लेने के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित की गई। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट नगर निगम को सौंप दी है।

कमेटी द्वारा ने चार तिथि बताईं
24 अगस्त …..कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान शिव आगरा आए, उन्हें मथुरा में कान्हा के दर्शन करने के लिए जाना था वे आगरा में ठहरे, जहां अब मनकामेश्वर मंदिर हैं। उन्होंने यह कहा कि मैं कान्हा के दर्शन कर सका तो यहां शिवलिंग की स्थापना करुंगा और उन्होंने कान्हा के दर्शन किए , मथुरा से लौटते समय शिवलिंग की स्थापना की। समिति ने इस दिन आगरा दिवस मनाने का विकल्प दिया है।
एक सितंबर ….एक हजार ईसा पूर्व महर्षि अंगिरा के नाम पर शहर का नाम आगरा पड़ा, इसलिए महर्षि अगिरा की जयंती पर आगरा दिवस मनाने का सुझाव दिया गया, इस साल एक सितंबर को ऋषि पंचमी पर महर्षि अंगिरा की जयंती है।
सात अक्टूबर …ब्रिटिश काल में आगरा नगर पालिका की स्थापना 7 अक्टूबर 1863 को हुई थी, इसलिए इसका भी विकल्प दिया गया।
नौ अक्टूबर ….इसका कोई आगरा को लेकर ऐतिहासिक महत्व नहीं है लेकिन इस दिन शरद पूर्णिमा हैं, शरद पूर्णिमा पर क्रष्ण महारास होता है, शरद पूर्णिमा पर ताजमहल में चमकी देखने पर्यटक आते हैं और वाल्मीकी जयंती भी है, इसलिए इस तिथि का सुझाव दिया गया है।
तीन दिन तक दे सकते हैं सुझाव
आगरा दिवस मनाने के लिए आगरावसी भी अपने सुझाव दे सकते हैं। सुझाव नगर निगम की वेबसाइट amcagra1@gmail.com पर दिया जा सकता है। इसके साथ ही लिखित सुझाव नगर निगम के कंट्रोल रूम कमरा नंबर 121 में भी सुझाव दे सकते हैं। सुझाव तीन दिन तक मांगे गए हैं।