आगरालीक्स ….आगरा में एक जवान ने हार्ट अटैक पड़ने से बेहोश हुए यात्री को सीपीआर देकर बचाई जान। आप भी अपने परिजन और अनजान के लिए बन सकते हैं देवदूत, जानें सीपीआर के बारे में।
आगरा रीजन के मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर 00:05 बजे पर यात्री सुरक्षा और एसीपी रोकथाम ड्यूटी में अशोक कुमार एवं कांस्टेबल निरंजन सिंह तैनान थे। गाड़ी संख्या-22634 प्लेटफार्म संख्या 02 पर खड़ी है। ट्रेन के कोच संख्या B4 के पास भीड़ जमा थी। वहां केशवन,उम्र 67 वर्ष, बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे, वे निजामुद्दीन से तिरुवंथपुरम जा रहे थे, उनके साथ उनकी पत्नी दया भी थी। कांस्टेबल अशोक कुमार को लगा कि शायद इनको हार्टअटैक आया है, तो उन्होंने यात्री को सीपीआर किया, कई बार सीपीआर देने से यात्री की तबीयत में सुधार हुआ।

अस्पताल में कराया भर्ती
इसी बीच सहायक उप निरीक्षक मदन सिंह पहुंच गए, उन्होंनेएंबुलेंस एवं स्ट्रेचर की व्यवस्था की और कांस्टेबल निरंजन सिंह के साथ यात्री को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इससे उनकी जान बच गई।
इस तरह दें सीपीआर
बेहोशी की हालत में किसी को देखने के बाद एबीसी से काम करते हैं, सांस लेने के रास्ते चेक करते हैं कि वह बंद तो नहीं हैं। मुंह से सांस दे सकते हैं। इसके साथ ही मरीज को सीधा लिटाने के बाद अपने दोनों हाथ को सीने के बीच में रखकर नीचे की तरह दबाते हैं और छोड़ते हैं। इसे कई बार करना पड़ता है, इससे धड़कन लौट आती है और सीपीआर करते हुए अस्पताल समय से पहुंचाने से जान भी बच सकती है।