आगरालीक्स ….आप जानते हैं साहित्यकार उर्वशी अग्रवाल उर्वी, ये रचना उन्हीं की है, कितने अचरज से भरा, शबरी का ये काम। दांतों से लिखती रही, बेरों पर वो राम। आगरा में उन्हें आराधना सहित्य रत्न से सम्मानित किया गया।
गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर आराधना संस्था द्वारा शनिवार को होटल भावना क्लार्क्स इन में ‘शबरी के राम’ नाम से आयोजित किया गया। जिसमें टीवी फेम गीतकार पंकज शर्मा ने अपनी इन पंक्तियों के साथ कि ‘गर तुम्हें याद है मैं मिला था तुम्हें, रास के रंग में और बनवास में। तुमने तज के महल, प्रेम पत्थर चुने, मैं वही राम हूं जिसकी तुम साधिका’ से समां भी बाँधा।
संस्थाध्यक्ष पवन आगरी ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि ‘मैं शबरी हूँ राम की’ लेखिका उर्वशी अग्रवाल निवासी दिल्ली ने 650 दोहों में शबरी के राम को बेहतरीन तरीके से परिभाषित किया है इसी प्रकार उन्होंने अपनी काव्य कृति ‘व्यथा कहे पांचाली’ में 4500 चौपाइयों के सृजन से द्रोपदी की पीर को परिभाषित किया है। इसलिए आराधना संस्था ने उनके इस अनुपम सृजन के लिए उनको यह प्रतिष्ठित साहित्य रत्न सम्मान दिया है।

संस्था महासचिव डॉ हृदेश चौधरी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि शहर के प्रमुख साहित्य मनीषियों के साथ यह सहित्यिक अनुष्ठान विशुद्ध लेखकों और रचनाकारों को प्रेरित करेगा। संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय बैजल द्वारा अतिथियों का सम्मान और उनका आभार प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर मौजूद साहित्यकारों और समाजसेवियों डॉ नीतू चौधरी, रमेश पंडित, श्रुति सिन्हा, जया सिंह, राकेश निर्मल, डॉ सलीम एटवी, भरतदीप माथुर, पदम गौतम, पम्मी सडाना, डॉ शोनू मेहरोत्रा, मधु शर्मा, पुनीत वशिष्ठ, पवन मेहरोत्रा, डॉ मृदुल शर्मा, भावना मेहरा, दीक्षा रिसाल, सचिन दीक्षित, साधना भार्गव, रमा पचौरी, राधा तिवारी, नीरज अग्रवाल, गौरव धवन, दीक्षा नाज़, संगीता अग्रवाल, वैशाली गोयल आदि का उत्तरीय पहनाकार सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की व्यवस्थायें दीप्ति भार्गव, अनीता गुप्ता, मीना सिंह, नीतेश जैन, जितेंद्र शुक्ला, गिरीश गोयल, कुसुम निषाद, मधु गुप्ता, नीलम गुप्ता, रचना कपूर, रेखा साहनी, राजकुमारी पाराशर, ममता पचौरी, मीनू भार्गव, सरिता सिंह, मोनिका गुप्ता, इंद्रा शर्मा, रजनी वार्ष्णेय आदि ने संभाली।