आगरालीक्स …आगरा में शहनाई वादन, राग हेमंत में बिलंबित एकताल, मध्यलय तीनताल व द्रुत लय की बंदिश के साथ शास्त्रीय गायन में राग केदार विलंबित, मध्यलय व तराना, राग देस में ठुमरी की की प्रस्तुति।

डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में शनिवार पं. रघुनाथ तलेगांवकर फाउंडेशन ट्रस्ट और विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान द्वारा आयोजित निनाद संगीत महोत्सव 2022 के आयोजन का।
संगीत कला केंद्र व प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित अखिल भारतीय महर्षि पं. विष्णु दिगंबर संगीत सम्मेलन कार्यक्रम का प्रारंभ संगीत कला केंद्र के संगीत साधकों ने सरस्वती वंदना से किया। सबरस संगीत संध्या की शुरुआत मंगल वाद्य शहनाई वादन से हुई। दिल्ली के लोकेश आनंद ने राग हेमंत में विलंबित एकताल, मध्यलय तीनताल व द्रुत लय में बंदिश प्रस्तुत की। पारंपरिक में धुन प्रस्तुत कर वातावरण को संगीतमय बनाया। तबले पर श्रुतिशील उद्धव ने संगत की। पं केशव की स्मृति में लोकेश को संगीत नक्षत्र सम्मान प्रदान किया गया। अंत में पद्म विभूषण गिरिजा देवी की शिष्या आस्था गोस्वामी ने शास्त्रीय गायन में राग केदार विलंबित, मध्यलय व तराना, राग देस में ठुमरी और पद्म विभूषण गिरिजा देवी की प्रसिद्ध रचना कैसा जादू डाला की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबले पर संगत अजराड़ा घराने के उस्ताद अख्तर हसन ने की। निनाद महोत्सव में नारायण राव अत्रे की स्मृति में स्थापित संस्कृति संवाहक के मानद सम्मान से आस्था गोस्वामी को सम्मानित किया।