आगरालीक्स…. आगरा में आरपीएफ के दरोगा और सिपाही ने दो लोगों को किडनैप कर मांगी फिरौती, पुलिस आयुक्त ने टीम गठित कर रंगे हाथ पकड़वाए, इंस्पेक्टर आरपीएस आगरा कैंट सहित चार निलंबित। वीडियो के लिए क्लिक करें।
आगरा के मलपुरा क्षेत्र निवासी कासिम परिवार के साथ रहता है, उसने मिलने के लिए चंदौस अलीगढ़ निवासी जीता इकरार आए थे। सोमवार रात एक बजे कासिम के घर सफेद रंग की बोलरो गाड़ी से पांच लोग पहुंचे, इसमें से चार लोग वर्दी पहने हुए थे, वे कासिम और इकरार को मारपीट कर अपने साथ ले गए।
वाटस एप कॉल कर मांगी चार लाख की फिरौती
परिजनों का कहना है कि मंगलवार को वाटस पर कॉल आई, कासिम को छोड़ने के लिए चार लाख रुपये मांगे, कासिम का भाई साजिम 12 हजार रुपये लेकर आगरा कैंट स्टेशन के पुल के पास पहुंचा, उससे 12 हजार रुपये ले लिए लेकिन कासिम को नहीं छोड़ा कहा कि चार लाख का इंतजाम नहीं हो पा रहा है तो दो लाख रुपये लेकर आएं।
पुलिस आयुक्त ने गठित की टीम, रंगे हाथ पकड़ा
फिरौती के रुपयों का इंतजाम न होने पर कासिम के परिजनों ने थाना मलपुरा में शिकायत की, पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह को मामले के बारे में बताया गया, उन्होंने टीम गठित की। टीम ने साजिम से फोन करवाया और कहा कि दो लाख रुपये का इंतजाम हो गया है, फिरौती के पैसे लेने और कासिम को छोड़ने के लिए होटल अमर के पास बुलाया। यहां पुलिस टीम पहले से तैनात थी। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि जैसे ही साजिम के साथ से रुपयों से भरा बैग लिया, पुलिस ने आरपीएफ के दरोगा ओर दो सिपाही को अरेस्ट कर लिया।
इन्हें किया गया अरेस्ट, आगरा कैंट आरपीएफ इंस्पेक्टर सहित चार निलंबित
पुलिस द्वारा आगरा कैंट पर तैनात दरोगा सुरेश निवासी गांव चकजीत पुर राजस्थान, सिपाही पारुल यादव निवासी पिढ़ौरा और नीजर सिंह निवासी जउपुरा सिकंदरा को अरेस्ट कर लिया है। हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ एनसीआर का कहना है कि घटना में शामिल दारोगा व दो सिपाही निलंबित कर दिए गए हैं। ठीक से सुपरविजन न करने के लिए इंस्पेक्टर आरपीएफ आगरा कैंट सुरेंद्र चौधरी निलंबित कर दिया है। इनके विरुद्ध विभागीय जांच सहायक सुरक्षा आयुक्त डीके चौहान को दी गई है।