यूपीलीक्स…. आगरा नगर निगम सहित यूपी के निकाय चुनाव मामले में सरकार ने कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, कहा इसे ही माना जाए ट्रिपल टेस्ट, निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने पर बुधवार तक रोक बढ़ा दी है, बुधवार को भी इस मामले में बहस जारी रहेगी।

रायबरेली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता वैभव पांडेय व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी, इसमें निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर सवाल उठाए थे। इस मामले में हाईकोर्ट ने 20 दिसंबर तक निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने पर रोक लगा दी थी। मंगलवार को निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण लागू करने के मामले में इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ में बहस हुई लेकिन कोई फैसला नहीं निकला, अगली सुनवाई बुधवार 21 दिसंबर को नियत की है। ऐसे में निकाय चुनाव की अधिसूचना पर लगी रोक अब बुधवार तक बढ़ गई है।
सरकार ने जवाबी हलफनामे में कहा
कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सरकार ने कहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव के मामले में 2017 में हुए अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वे को आरक्षण का आधार माना जाए, सरकार ने कहा है कि इसी सर्वे को ट्रिपल टेस्अ माना जाए। वहीं, ट्रांसजेंडर्स को चुनाव में आरक्षण नहीं दिया जा सकता है, यह भी कहा गया है। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने इस मामले को सुनवाई के बाद जल्द निस्तारित किए जाने आग्रह किया है।