आगरालीक्स… पीपीएच प्री एक्लेम्सिया हार्ट फेल्योर, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया हार्ट फेल्योर से डिलीवरी के बाद प्रसूता की हो रही मौत, डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की लगाई फटकार। आशाओं का भुगतान न होने पर नाराजगी।

डीएम नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जननी सुरक्षा योजना की गतवर्ष के सापेक्ष विकासखण्डों की उपलब्धि की माह नवम्बर हेतु समीक्षा की गई, जिसमें सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर विगत वर्ष की तुलना में कम प्रसव होना पाया गया। विकास खण्ड फतेहाबाद की स्थिति सबसे न्यूनतम रही, जिसमें बताया गया कि 10 आशाओं ने शून्य प्रसव कराये हैं, जिनको चिन्हित कर कार्यवाही की जा रही है। तत्पश्चात सीजेरियन प्रसव सेवाओं की समीक्षा की गई, जिसमें सी0एच0सी0 बाह में प्रगति कम मिली, जिस हेतु मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया। जनपद में माह नवम्बर में मातृ मृत्यु 10 रही, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा सभी ए0एन0एम0, आशा व आशा संगिनी को ब्लाक स्तर पर गर्भवती महिलाओं का डाटा संग्रहण कर उनकी मोनिटरिंग के कड़े निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मातृ मृत्यु के संभावित कारणों में पीपीएच प्री एक्लेम्सिया हार्ट फेल्योर, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया हार्ट फेल्योर जैसे कारण रहे।
आशाओं का करें भुगतान
मुख्य विकास अधिकारी ने आशाओं के भुगतान न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा इस हेतु ब्लाक स्तर पर अलग से बैठक कर सभी लम्बित भुगतान कराने के निर्देश दिए तथा कहा कि भुगतान न होने की दशा में डी0सी0पी0एम0 का वेतन रोके जाने की संस्तुति की जायेगी। आशाओं के भुगतान में सबसे न्यूनतम स्तर विकास खण्ड खेरागढ़ का रहा। बैठक में परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि विभिन्न ब्लाकों में नसबन्दी कैम्प लगाकर एक दिन में जगनेर 79, अछनेरा में 47, खेरागढ़ में 30 की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर कुल 1488 केस किये गये हैं।