आगरालीक्स ….आगरा में आप मुगल काल के सिक्के, नोट, मुद्रा देख सकते हैं, बच्चों को भी साथ ले जाएं, उन्हें बताएं गुप्त काल में कैसी थी मुद्रा। विवि भी जारी करेगा सिक्का.

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के सिविल लाइंस स्थित संस्कृति भवन के ललित कला संस्थान में मंगलवार से आर्ट गैलरी का शुभारंभ हुआ, इसमें सिक्कों की एक प्रदर्शनी लगाई गई है। कुलपति प्रो. आशुरानी ने बताया कि आगरा विश्वविद्यालय अब डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की स्थापना के 100 बर्ष पूरे होने पर विश्वविद्यालय के नाम से सिक्का जारी करने की प्रक्रिया के बारे में बात की तथा कहा कि ऐसी प्रदर्शनी को अच्छे स्केल पर लगाना चाहिए मुझे बहुत खुशी हो रही है कि इस बार यह प्रदर्शनी विश्वविद्यालय के परिसर में लगाई गई है। प्रदर्शनी आगरा के मुद्रा शास्त्रियों द्वारा आयोजित की गई इस प्रदर्शनी में मुगल कालीन सिक्के एवं आजादी के बाद से अब तक चल रहे सभी प्रकार के सिक्के और नोट लगाए गए हैं,
सिक्के इकट्ठे करें विरासत बचाएं,
दिल्ली सल्तनत में जितनी भी मुद्रा जारी की हुई, विजय नगर स्टेट की मुद्रा, कुषाण काल की मुद्रा, गुप्त काल में मुद्रा, मराठा साम्राज्य में मुद्रा इन सब की प्रदर्शनी लगाई गई, किस प्रकार से नोट बनते हैं उनमें कोई कमी होने पर किस प्रकार नई करेंसी जारी की जाती है कैसे कोई नोट बिना नंबर के जारी हो जाता है तथा फिर कैसे मुद्रणालयों में इसको ठीक किया जाता है, यह सब यहां व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया इस प्रदर्शनी में बोलते हुए कुलपति प्रोफेसर आशुरानी ने कहा के इस तरीके के कार्यक्रम शिक्षाप्रद भी हैं इस प्रदर्शनी में कला, अर्थशास्त्र, विज्ञान, मुद्रा शास्त्र, इतिहास सहित
आंबेडकर विवि के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रदर्शनी
मुद्राशास्त्री आगे से जब भी इस प्रकार की प्रदर्शनी लगाएं उसका जोर शोर से प्रचार प्रसार करें जिससे पूरा आगरा शहर व आसपास के सभी शहरों के लोग लाभान्वित हो सकें, इस अवसर पर कुलसचिव डॉ विनोद कुमार सिंह ने इस प्रदर्शनी की भूरि भूरि प्रशंसा की, तथा कहा ऐसी प्रदर्शनी ज्ञान बढ़ाने के लिए बहुत ही आवश्यक है, इस प्रदर्शनी में कुलपति का स्वागत करते हुए आगरा मुद्राशास्त्री सोसाइटी के सचिव रवि कुमार वर्मा ने सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद व्यक्त किया, राजा बाबू वर्मा ने सोने की डाक टिकट बालकिशन जी ने मेडल पर आकाश जौहरी जी ने दिल्ली सल्तनत के सिक्के, कुलदीप वर्मा ने रिपब्लिक कॉइन, विनीत गौतम ने पेपर करेंसी, मिलिंद कश्यप ने प्रूफ सेट, गिरीश कुमार शाक्य ने सोने के सिक्के इस प्रदर्शनी में लगाए हैं, यह प्रदर्शनी 3 दिन तक ललित कला संस्थान की आर्ट गैलरी में सभी के अवलोकनार्थ लगी रहेगी, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रोफेसर सुगम आनंद ने इसको इतिहास से जोड़ते हुए भारतीय गौरव परंपरा गौरवशाली इतिहास की एक अमूल्य धरोहर बताया, G20 के कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर लवकुश मिश्रा ने इस प्रदर्शनी के लिए आए हुए सभी मुद्रा शास्त्रियों को आभार प्रकट किया, कार्यक्रम का संचालन डॉ मोनिका अस्थाना ने किया,व विशेष रुप से ललित कला संस्थान के निदेशक प्रोफेसर संजय चौधरी पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर यूएन शुक्ला इतिहास विभाग के प्रोफेसर बीडी शुक्ला, केंद्रीय पुस्तकालय के डॉक्टर सुनील उपाध्याय, ललित कला संस्थान के सभी शिक्षक तथा अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित रहे