आगरालीक्स…आगरा में पेठा व्यवसायी की पत्नी पर घर में घुसकर बंदरों ने बोला हमला. हाथ में काट खाया. बंदरों के आतंक से परेशान लोग. वीडियो में देखें किस तरह घर की खिड़कियां पर बैठे रहते हैं बंदर
आगरा में कई मामले सामने आने के बाद भी बंदरों की समस्या का कोई स्थायी समाधान होता नहीं दिखाई दे रहा है. बंदरों का आतंक सभी जगह है. ताजमहल स्मारक हो या फिर पुराना शहर या फिर अस्पताल. बंदरों द्वारा लोगों पर किए जा रहे हमले लगातार जारी है. नूरी दरवाजा में भी बंदरों की संख्या काफी अधिक है और यहां भी लगातार बंदरों द्वारा लोगों को काट खाए जाने और जख्मी किए जाने की घटना आए दिन होती रहती हैं. अब नूरी दरवाजा स्थित पेठा व्यवसायी की पत्नी पर बंदरों ने हमला बोल दिया और उनके हाथ में काट गया जिसका काफी गहरा जख्म बन गया.
आगरा के नूरी दरवाजा स्थित पंछी पेठा परिवार के तुषाार गोयल की पत्नी नेहा पर घर में घुसकर बंदरों ने हमला कर दिया. अचानक कई सारे बंदरों ने उन्हें घेर लिया. दहशत में आकर वह बचने के लिए वहां से भागीं और चिल्लाईं तो एक बंदरों ने हमला बोलकर उनके हाथ पर काट खा लिया जिसका काफी गहरा जख्म बन गया है. बचाने के लिए उनके पति तुषार गोयल के भी चोट आई है. उन्होंने बताया कि घर के दरवाजों और खिड़कियों पर बंदर बैठे रहते हैं. ऐसे में खिड़कियों को जाली से कवर करना पड़ता है. इसके अलावा गलियों में भी काफी संख्या में बंदर बैठे रहते हैं, जिसके कारण यहां से निकलना काफी मुश्किल भरा होता है.
बता दें कि आगरा में बंदरों का आतंक काफी ज्यादा है. पिछलो कई दिनों से ताजमहल पर देशी विदेशी पर्यटकों को भी काट खाने के मामले सामने आ चुके हैं. हाल ही में राजा की मंडी स्टेशन पर भी जीआरपी सिपाही को बंदरों ने घेरकर काट खा लिया था. पुराने शहर में भी बंदरों की काफी संख्या है. यहां एसएन अस्पताल, नूरी दरवाजा, सिंधी बाजार, गुड़ की मंडी, शीतला गली, माईथान आदि इलाकों में बंदरों की संख्या काफी अधिक है. हाल ही में नगर निगम की ओर से बंदरों की नसबंदी कराने का निर्णय भी लिया गया था जिस पर वन विभाग द्वारा भी अनुमति दी जा चुकी है लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस एक्शन नहीं हुआ है.