आगरालीक्स… शुभकार्यों के लिए छह दिन का समय। खरमास 15 मार्च से। मांगलिक कार्य रुकेंगे। नवरात्र भी इन्ही दिनों। जानिये अब कब से शुरू होंगे शुभ मुहूर्त।

धनु एवं मीन राशि का सूर्य देव में प्रवेश होगा

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान एवं गुरू रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक धनु एवं मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करने से खरमास लगता है। इस वर्ष 15 मार्च दिन बुधवार को खरमास लग रहा है, जो एक माह तक रहेगा।
भगवान सूर्य और हरि विष्णु की करें आराधना
इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। इस दौरान विवाह भी नहीं होगा। खरमास के समय आप को भगवान सूर्य और श्री हरि विष्णु की आराधना करनी चाहिए।
खरमास लगने का समय
🍁 इस वर्ष मार्च में खरमास 15 मार्च 2023 को लगेगा। इस दिन प्रात 06 बजकर 33 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। 15 मार्च 2023 से 14 अप्रैल 202 3की दोपहर 02:59 तक खरमास रहेगा।
खरमास समाप्ति का समय
🌷 इस वर्ष खरमास, संवत् 2079 चैत्र कृष्ण पक्ष दिन बुधवार 15 मार्च 2023 से संवत् 2080 वैशाख कृष्ण पक्ष नवमी 14 अप्रैल 2023 की दोपहर 02:59 तक है, जो एक माह के लिए रहेगा। 14 अप्रैल 2023 से विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे सभी रूके हुए मांगलिक कार्य फिरसे प्रारंभ हो जाएंगे।
वर्ष 2023 में विवाह के मुहूर्त
🔶 मई: इस माह में शादी के लिए कुल 14 मुहूर्त हैं। 03, 4, 7, 9, 10,11,12,17, 21, 26,27,28 ,29,30मई
🔷 जून: जून में विवाह के लिए विवाह के 12 मुहूर्त है03,5,6,7,8,11,12,22,23,25,27,28जून
🔶 नवंबर: साल के 11वें माह में विवाह के केवल 05 मुहूर्त हैं। 23,24,27,28,29,
🔷 दिसंबर: साल 2023 के आखिरी माह में विवाह के 5 मुहूर्त हैं। 03, 4,7, 8, 9दिसम्बर
खरमास में क्या न करें
🌸 जब भी हम कोई मांगलिक कार्य करते हैं तो उसके फलित होने के लिए गुरु का प्रबल होना जरूरी है। धनु एवं मीन बृहस्पति ग्रह की राशियां हैं। खरमास के समय सूर्य इन दोनों राशियों में होते हैं, इसलिए शुभ कार्य नहीं होते। खरमास में गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए बिजनेस का प्रारंभ, शादी, सगाई, वधू प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए

इस बार खरमास में नवरात्र
🏵 इस बार नवरात्रि का प्रारंभ खरमास में हो रहा है। चैत्र नवरात्र 22 मार्च से प्रारंभ हो रही है। खरमास मीन की संक्रांति 15 मार्च दिन बुधवार प्रातः 06: 33 से 14 अप्रैल 2023 की दोपहर 02:59 तक रहेगी इसी बीच में चैत्र नवरात्र की पूजा पाठ कलश स्थापना 22 मार्च दिन बुधवार को सुबह से ही प्रारंभ हो जाएंगे इस दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना प्रारंभ होगी। चैत्र नवमी 30 मार्च गुरूवार को होगी