आगरालीक्स …आगरा की बुजुर्ग मां के दर्द को सुन आंखें भर आएंगी। वृद्धाश्रम में बुजुर्ग मां ने बेटे को याद करते हुए अंतिम सांस ली, बेटा पत्नी के साथ वृद्धाश्रम पहुंचा, लेकिन मां को मुखाग्नि दिए बिना चला गया. होली के बाद सात और बजुर्ग वृद्धाश्रम पहुंचे।

रामलाल वृद्धाश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा के अनुसार, छह साल पहले गुरु द्वारा गुरु के ताल के पास 75 वर्ष की बुजुर्ग महिला को उसका बेटा यह कहकर छोड़कर चला गया कि वह नोएडा में फ्लैट देखने जा रहा है, फ्लैट मिलने के बाद अपने साथ ले जाएगा। दो दिन बाद भी वह नहीं लौटा तो स्थानीय लोग बुजुर्ग महिला को रामलाल वृद्धाश्रम लेकर पहुंच गए। बुजुर्ग महिला छह साल से वृद्धाश्रम में इस उम्मीद के साथ रह रही थी कि उनका बेटा आएगा और अपने साथ ले जाएगा, उसका फोन नंबर भी उनके पास था लेकिन बेटा उनसे मिलने नहीं आया।
कहती थी बहू के कारण नहीं आता
वृद्धाश्रम में रह रहे अन्य बुजुर्गों से वह कहती थी कि बहू के कारण बेटा नहीं आता है, एक दिन वह जरूर आएगा। मगर, छह साल में वह नहीं आया। होली पर भी वह अपने बेटे की राह देखती रही, होली पर उनका निधन हो गया, वृद्धाश्रम से उनके बेटे को फोन पर सूचना दी गई, उसने होली के बाद आने की बात कही।
मां का नहीं किया अंतिम संस्कार
होली के बाद वह अपनी पत्नी को साथ लेकर वृद्धाश्रम पहुंचा, यहां कागजी कार्रवाई पूरी की। रामलाल वृद्धाश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा के अनुसार, जब अपनी मां को मुखाग्नि देने और अंतिम संस्कार करने के लिए कहा गया तो बेटा तैयार नहीं हुआ और यह कहकर चला गया कि आप ही अंतिम संस्कार कर देना।
सात बुजुर्ग पहुंचे रामलाल वृद्धाश्रम
होली के बाद वृद्धाश्रम में सात और बुजुर्ग पहुंच गए हैं, उन्हें घर पर ठीक से नहीं रखा जा रहा था तो किसी के परिजनों ने उन्हें निकाल दिया था।