आगरालीक्स…आगरा में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं. डॉक्टरों ने बताया कि डेंगू क्या है, कितने दिन तक रहता है इसका बुखार, क्या हैं लक्षण और कैसे इसे रोका जा सकता है…
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के मेडिसिन विभाग द्वारा आज डेंगू के बचाव एवं उपचार हेतु एक अंतर विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता द्वारा किया गया। डेंगू बुखार एक वायरल इंफेक्शन है जो धारीदार Aedesaegypti मच्छर के काटने से होता है। इसमें बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, शरीर की मांसपेशियों में दर्द रहता है। मेडिसिन विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ मृदुल चतुर्वेदी द्वारा डेंगू पैनिक सिंड्रोम लेसन टू लर्न पर लेक्चर लिया। उन्होंने बताया कि डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आमतौर पर यह बुखार सामान्य इलाज से ठीक हो जाता है सिर्फ 1% लोगों में ही डेंगू गंभीर हो जाता है।

मेडिसिन विभाग के आचार्य डॉ मनीष बंसल द्वारा डेंगू के लक्षण, उसके शीघ्र निदान एवं इलाज के विषय में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अगर लक्षणों को समय से पहचान लिया जाए तो गंभीर बीमारी को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह बुखार लगभग 7 दिन तक रहता है। इस बुखार में जोड़ों के साथ शरीर की मांसपेशियों में दर्द, सर दर्द, आंखों के चारों ओर दर्द रहता है। तीसरे या चौथे दिन इसमें शरीर में लाल चकत्ते बन सकते हैं। इसमें अधिकतर मरीज बुखार की गोली पेरासिटामोल एवं सहायक उपचार से ठीक हो जाते हैं। डेंगू बुखार में पेरासिटामोल के अलावा अन्य दर्द निवारक दवा का सेवन हानिकारक हो सकता है। गंभीर मरीजों में अधिक रक्तस्राव होने की संभावना रहती है । उन्होंने कहा कि कोई भी दवा बिना डॉक्टर के परामर्श के नहीं लेना चाहिए। डेंगू होने पर घबराने की जरूरत नहीं है अधिकतर मरीज सामान्य इलाज से ठीक हो जाते हैं।
डॉ रेनू अग्रवाल आचार्य एवं विभागाध्यक्ष एसपीएम विभाग ने डेंगू के बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भीड़ बाढ़ वाले प्रमुख शहरी इलाके और उमस भरी जलवायु वाले क्षेत्रों में डेंगू बुखार आसानी से फैलता है। डॉ आरती अग्रवाल सहायक आचार्य माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने वायरस की माइक्रोबायोलॉजी के बारे में एवं उसकी सेरोलॉजिकल जांच के बारे में विस्तार से बताया। डॉ नीरज कुमार आचार्य एवं विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग ने बच्चों में डेंगू के उपचार के विषय में जानकारी दी।
धारीदार मच्छर Aedesaegypti बारिश के मौसम में उन वस्तुओं में पनपता है जिनमें पानी भरा होता है जैसे कि टायर , प्लास्टिक की थैलियां, पानी से भरे बर्तन जिनमें ठहरा हुआ पानी हो। डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरती जा सकती है जैसेकि पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना, रात में मच्छरदानी में सोना, मच्छर भगाने वाले रेपेलेंट, क्रीम का उपयोग करना चाहिए।