आगरालीक्स… आगरा में डॉक्टर ने दी झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट,जांच में बच्ची की मौत कुत्तों के काटने से हुई। डॉक्टर ने दी थी डूबने से मौत की रिपोर्ट।

12 जून को आगरा के डौकी के गांव कुंवरगढ़ में सुग्रीव की पांच साल की बेटी कंचन चचेरी बहन रश्मि के साथ घर के बाहर खेल रही थी। सात आठ कुत्तों ने हमला कर दिया। एक कुत्ते ने कंचन का गला दबा दिया और उसे खींचते हुए पास के खेत लें ले गया, रश्मि पर कुत्तों ने हमला किया तो उसकी चीख निकल पड़ी। ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, ट्रैक्टर से कुत्तों को हटाया। तब तक खेत में कुत्तों ने कंचन को नोंच नोंचकर मार दिया। कंचन का पोस्टमार्टम कराया गया।
डूबने से मौत की दी रिपोर्ट
कंचन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जिला अस्पताल के डॉ. धर्मवीर सिंह ने पोस्टमार्टम किया और रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया। जबकि कंचन के घर वाले और स्थानीय लोगों ने कुत्तों को हमला करते हुए देखा था।
पैनल से जांच में खुलासा, जानवर के काटने से मौत
कंचन के परिजनों ने पैनल से जांच कराने की मांग की। इसके बाद डॉ. पियूष जैन, डॉ. रिचा गुप्ता एसएन, डॉ. सुकेश गुप्ता एसीएमओ और डॉ. सीपी वर्मा चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल के पैनल ने जांच की। पैनल ने कंचन की मौत का जानवर के काटने से हुए घाव बताए हैं, डूबने से मौत का कारण गलत बताया है। पोस्टमार्ट में लापरवाही करने पर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
पैनल ने रिपोर्ट में ये तर्क दिए
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों जैसे जांघ, हाथ, छाती, चेहरे पर घाव दिखाई दिए, ये घाव डूबने पर नहीं हो सकते हैं। जानवर के काटने पर घाव हुए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में मिटटी दिखाई गई लेकिन गले, जीभ पर मिटटी नहीं थी, शरीर पर मिटटी के निशान दिखाए गए लेकिन जो फोटो उपलब्ध कराए गए उनमें कंचन के शरीर पर मिटटी नहीं लगी थी। इस आधार पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की रिपोर्ट को पैनल ने संदेहास्पद माना। समिति ने साक्ष्यों के आधार पर राय बनाई है कि कंचन की मौत शरीर पर मौजूद घावों के कारण हुई है। रिपोर्ट में बदलाव करते हुए रिपोर्ट दी है।