आगरालीक्स…आगरा रीजन में बनानी थीं 153 सड़कें, लेकिन बनीं सिर्फ 12. गड्ढामुक्त सड़क को लेकर मंडलायुक्त के सख्त आदेश
आज शुक्रवार को आयुक्त सभागार में हुई आगरा मंडलीय विकास कार्य समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी जी निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और धीमी कार्य प्रगति पर खासा नाराज दिखाई दी। छोटे-छोटे काम पूरे न होने की वजह से अधिकतर कार्य लंबित हैं। कई निर्माण कार्यों की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है। पिछली समीक्षा बैठक में भी काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन उसमें कोई सुधार नहीं दिखाई दिया। संरक्षित गौशाला की दुर्दशा, सरकारी अस्पतालों में दवाइयां की उपलब्धता, कस्तूरबा विद्यालय सहित समस्त सरकारी स्कूलों की जर्जर व्यवस्था, सड़क-सेतु निर्माण कार्य में धीमी प्रगति और आइजीआरएस जनसुनवाई में लापरवाही जैसे आदि विषयों को लेकर मंडलायुक्त महोदया ने संबंधित अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फटकार
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त खास तौर से पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारियों के प्रति काफी नाराज दिखाई दी। पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक पीडब्ल्यूडी को पूरे मंडल में लगभग 153 सड़क बनानी है। जिसमें से सिर्फ 12 सड़कों का निर्माण ही पूरा हो पाया है। वहीँ मंडल में 15 सेतु बनने हैं जिसमें से सिर्फ एक सेतु का ही काम पूरा हुआ है। यह सभी प्रोजेक्ट पिछले एक डेढ़ साल से चल रहे हैं जिन्हें आगामी वर्ष मार्च 2024 तक हर हाल में पूरा करना है। पिछली समीक्षा बैठक में सभी सड़कों का सर्वे करने और प्रत्येक जनपद का ग्राफ आईडेंटिफाई करने के निर्देश दिए थे लेकिन उस पर अमल नहीं किया।
वहीँ सेतु निगम इकाई द्वारा मंडल में 11 सेतु का निर्माण करना है लेकिन उनमें से अभी तक एक भी सेतु का निर्माण कार्य शत प्रतिशत नहीं हुआ। कई प्रोजेक्ट एनओसी की वजह से अधर में लटके हैं जबकि कुछ प्रोजेक्ट के पास होने के बावजूद उनका टेंडर नहीं हुआ है। इतना ही नहीं, कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनकी समय सीमा पूरी हो चुकी है लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है।
धीमे काम को लेकर नाराज हुईं मंडलायुक्त
गड्ढामुक्त एवं सड़कों के मरम्मत कार्य की धीमी प्रक्रिया पर भी मंडलायुक्त नाराज दिखीं। रिपोर्ट के मुताबिक मंडल में ल2400 किलोमीटर लंबी सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने का लक्ष्य है। जिसमें 627 किलोमीटर सड़क को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है जबकि 443 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण हो चुका है। यह काम लगभग अक्टूबर माह तक पूरा होना था लेकिन इसे अब नवंबर तक कर दिया गया। सड़कें वास्तव में गड्ढा मुक्त हो चुकी हैं या नहीं, इनका निरीक्षण हुआ या नहीं, नई प्रस्तावित सड़क की जरूरत है या नहीं, मंडलायुक्त के इन सवालों के जवाब किसी के पास नहीं थे।
विशेषकर मथुरा के मार्ग चौड़ीकरण, कच्चे मार्ग को विकसित और इंटरलॉकिंग इत्यादि को लेकर मंडलायुक्त ने पीडब्ल्यूडी अधिकारी को रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा जितने भी पेंडिंग रिपोर्ट, प्रस्तावित प्रोजेक्ट हैं उन सभी की जांच कर डाटा तैयार कर शासन को अवगत कराने को निर्देश दिए।