आगरालीक्स…जनकपुरी में फूलों की तोपों और ड्रोन से होगा श्रीराम जी और उनकी बारात का स्वागत. संजय प्लेस के टावरों से होगी फूलों की वर्षा. सबसे खास होगा संजय प्लेस का ये रोड
श्री राम की बारात की अगवानी की तैयारी मिथिला नगरी में ज़ोर शोर से हो रही है. संजय प्लेस सजने संवरने लगा है. सड़क, पार्किंग निर्माण आदि का कार्य भी शुरू हो चुका है. श्री राम जी की बारात का स्वागत जगह जगह फूलों की तोपों से होगा. इसके साथ साथ टावरों की छतों से भी फूलों की बारिश की जाएगी. मुख्य मार्गों पर पुराने समय के समय सजावट के लिए उपयोग होने वाली पताका, झालर आदि का इंतजाम मार्गों को सजाने के लिए विशेष रूप से किया जा रहा है. मुख्य मंच पर प्रभु राम सीता जी के लिए सबसे उच्च स्थान पर दरबार बनाया जाएगा जिस पर कोई नहीं जा सकेगा. सभी अतिथि और आमज़न एक समान नीचे से ही दर्शन कर पुष्प अर्पित कर सकेंगे. इसके लिए मंच के दायें बायें अलग अलग स्थान बनाया जाएगा.
राजा जनक पी एल शर्मा के अनुसार इस जनकपुरी में वीआईपी और आम दर्शनार्थियों के लिए सम व्यवस्था का इंतज़ाम किया जा रहा है. मंच व्यवस्था के लिए एनसीसी के कैडेट सहित निजी सुरक्षा का भी इंतजाम किया जाएगा जिससे सभी को सुलभ दर्शन है सके. समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि इस बार हेल्प आगरा के साथ शहर की अन्य ऐसी सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी की जा रही है जिसमें इन संस्थाओं को विभिन्न मार्गों पर स्थान आवंटित किया जाएगा. इसके साथ ही हेल्प आगरा से महोत्सव के दौरान इमरजेंसी के लिए क्रिटिकल एवं सामान्य एम्बुलेंस की भी सहायता ली जाएगी. सामाजिक संस्थाएं पेयजल आदि की भी व्यवस्था करने हेतु सहमत हुई हैं.
महामंत्री अनिल वर्मा एवं हीरेन अग्रवाल ने बताया कि शहर की स्वयं सहायता समूह जो कि अपनी आजीविका हेतु समूह बनाकर अपने परिवार का भरण पोषण करती हैं उनको तैयार स्टाल निःशुल्क दिया जाएगा. इसमें वो अपने बनाये उत्पाद की बिक्री कर सकेंगी. इसके लिए ऐसे संगठन समिति के कार्यालय पर संपर्क कर सकते हैं. मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा एवं अनिल रावत ने बताया कि इस बार कैंसर सर्वाइबल एवं एसिड अटैक सर्वाइबल संस्था शीरोज को भी जनकपुरी क्षेत्र में बनाये जा रहे फ़ूड /डिस्प्ले स्टॉलों में से निःशुल्क स्टाल दी जायेंगी. इन का मक़सद पीएम मोदी के महिला शस्कतीकरण अभियान को बढ़ावा देने की मंशा है. इसके साथ साथ संजय प्लेस में प्रतिदिन लगने वाली ख़ान पान की ठेलों के लिए भी विशेष स्थान तय किया गया है जिससे महोत्सव के दौरान भी उनकी आजीविका प्रभावित ना हो पाए. इनको सत्यापन के बाद ही स्थान आवंटित किया जाएगा.