आगरालीक्स…सनातन की संस्कृति नारी का हरण नहीं बल्कि वरण है. रावण ने किया था हरण का पाप तो उसके कुल का हुआ विनाश…आगरा में चल रही श्रीराम कथा में बताया सनातन संस्कृति का महत्व
सनातन की संस्कृति नारी का हरण नहीं बल्कि वरण है। जिस कुल, समाज या देश में नारी का हरण होता है, उसका अंत निश्चित है। रावण के एक लाख पुत्र और सवा लाख नाती थे। फिर भी नारी के हरण जैसे पाप ने उसके कुल का विनाश कर दिया। हरण कलंक और वरण नारी के लिए सम्मान है। इसीलिए जब श्रीराम वैदेही को वरण करके अयोध्या ले गए तो वहां घर-घर मंगल और शुगन होने लगे। जबकि रावण सीता मैया का हरण करके लेकर गया था। इसलिए सीता माता के लंका पहुंचते ही अमंगल पर अमंगल और अपशगुन होने लगे।

श्री कामतानाथ सेवा समिति द्वारा चित्रकूट धाम (कोठी मीना बाजार) में आयोजित श्रीराम कथा में आज श्री कामदगिरि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु राम नंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज ने कहा कि अयोध्या में आनंद तभी आया जब श्रीराम ब्याह कर वैदेही को लेकर आए। कहा कि आप अपने घर को अयोध्या बनाओ, लंका नहीं। सनातन की संस्कृति नारी के सम्मान का अनुसरण करो। तभी समाज और देश में मंगल होगा। सुख सम्बृद्धि आएगी। श्रीराम और जनक दुलारी के विवाह उपरान्त अयोध्या आगमन पर घर-घर रिद्धी सिद्धी विराजने लगी। विवाह के 12 वर्ष बाद श्रीराम के राजतिलक और माता कैकयी द्वारा दो वरदानों को मांगने की कथा सुनाते हुए श्रीराम कथा के मर्म को समझाया। कहा कि धरती से रक्षकों के विनाश के लंकल्प की पूर्ति के लिए श्रीराम ने माता कैकयी को चुना। क्योंकि माता कौशल्या ज्ञान, माता सुमित्रा उपासना और माता कैकयी क्रिया स्वरूपा थीं। क्रिया से ही उद्देश्य की पूर्ति सम्भव है। कहा कभी कभी क्रिया निष्कृष्ट लगती है परन्तु उसका उद्देश्य उत्कृष्ट होता है। ठीक वैसे ही जैसे जब एक गुरु के शिष्य को डांटने की क्रिया निष्टकृष्ट लगती है परन्तु उद्देश्य शिष्य का विकास होता है। राजा दशरथ राजतिलक कर श्रीराम को विकास से जोड़ना चाहते थे परन्तु माता कैकयी ने श्रीराम को वनवास भेजकर प्रकाश से जोड़ा। कथा में आज मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल, महामंडलेश्वर हरिदास नागा जी जरेरुआ सरकार, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक अरविंद जी महाराज, गंगादास जी महाराज बाराद्वारी वाले, राजीव लोचन दास जी महाराज कामदगिरि पीठ चित्रकूट धाम दिगम्बर सिंह धाकरे, कथा वाचक अरविंद महाराज, हरिदास जी भी मौजूद रहे। कथा विराम के बाद आरती कर भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से जयप्रकाश त्यागी, समिति के अध्यक्ष जय भोले, धमेन्द्र त्यागी, श्रीकांत त्यागी, हाकिम सिंह त्यागी, पिंकी त्यागी, दीपक चाहर, प्रदीप मदेरणा, रामप्रकाश इंदौलिया, मोहित शर्मा, अमित शर्मा, अमरकान्त त्यागी आदि उपस्थित थे।
आज होगा दो हजार से अधिक श्रीरामचरित मानस का वितरण
कथा स्थल पर 25 सितम्बर को सुबह 11 बजे से दो हजार से अधिक श्रीरामचरित मानस ग्रंथ का वितरण किया जाएगा। उद्देश्य घर-घर में रामचरित मानस को पहुंचाना है, जिससे इसके नित्य पाठ से हृदय परिवर्तन और संस्कारों का विकास हो।
शाम पांच बजे से जय याग्निक करेंगे सुंदरकाण्ड का पाठ
विश्व विख्यात गायक जय याग्निक द्वारा श्रीराम कथा स्थल पर शाम 5 बजे से सुन्दरकाण्ड पाठ श्रीरविन्द्र सिंह जी पप्पू पीएस गार्डन के संयोजन में किया जाएगा। 26 सितम्बर को शाम 5 बजे से मानस कवि सम्मेलन में अन्तर्राष्ट्रीय कवियों द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
स्वास्थ्य शिविर में 30 मरीजों को मोतियाबिनन्द ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया
आज श्रीराम कता स्थल कोठी मीना बाजार पर रामस्वरूपाचार्य सेवा समिति द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में लगभग 300 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही 30 मरीजों को निशुल्क मोतियाबिन्द आपरेशन के लिए चिन्हित किया गया।
आज के यजमान
पिंकी त्यागी, अनंतराम शर्मा, यतेन्द्र चाहर, अमित कुमार, राजवीर चौधरी, सोमकुमार मित्तल, मुकेश सिंघल, मोहनलाल, अभिनय शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, विनय चाहर, बैजयन्ती देवी।