आगरालीक्स…आगरा के कारोबारी का ऐलान—बांके बिहारी कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए देगा 510 करोड़. हाईकोर्ट में दी अर्जी. हाईकोर्ट में सुनवाई में हुआ ये…
वृंदावन के श्री बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कारिडोर को लेकर आगरा के कारोबारी ने 510 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. कारोबारी का नाम प्रखर गर्ग है और उन्होंने इसके लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी है और कहा कि एक महीने में वह 100 करोड़ रुपये जमा कर सकता है. आगरा के रहने वाले कारोबारी प्रखर गर्ग का प्रॉपर्टी का कारोबार है. उन्होंने कई प्रमुख कमर्शियल प्रॉपर्टी किराये पर दे रखी है. हालांकि प्रखर गर्ग के 510 करोड़ रुपये देने के ऐलान से तरह—तरह की चर्चाएं शहर में हो रही हैं.
प्रखर गर्ग कमला नगर में द्वारिका पुरम कॉलोनी में रहने वाले हैं. अक्टूबर 2022 में प्रख गर्ग चेक बाउंस के मामले में हरीपर्वत पुलिस द्वारा अरेस्ट भी किए जा चुके हैं. आज शुक्रवार को उन्होंने बांके बिहारी मदिर कारिडोर के लिए 510 करोड़ रुपेय देने के लिए अर्जी दी जिसको लेकर कारोबारी जगत में चर्चाएं चल रही हैं.
हाईकोर्ट के सरकार से सवाल
हाईकोर्ट में आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आप मंदिर का पैसा चाहते ही क्यों हैं, क्या सरकार के पास पैसे की कमी है. अगर सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है तो सारे विवाद का हल हो गया, तब तो कोई विवाद बचा हीं नहीं. इधर सरकार की ओर से महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र व अपर महाविधवक्ता मनीष गोयल ने कहा कि लोक शांति और व्यवस्था के लिए सरकार ने प्रस्तावित योजना तैयार की है, इसमें नागरिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. मंदिर की व्यवस्था के लिए मंदिर का पैसा लगाने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
बता दें कि मंदिर के सेवायतों की ओर से कहा गया है कि सरकार मंदिर की सुविधा बढ़ाना चाहती है, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन निजी मंदिर का ट्रस्ट है. चढ़ावे पर सरकार को दावा नहीं करना चाहिए. अधिवक्ता संजय गोस्वामी ने याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल तथ्यात्मक मुदृदे को लेकर कोई भी याचिका पोषणीय नहीं है. कानूनी अधिकार को लेकर ही याचिका पोषणीय है. याचिका खारिज की जाए. कोर्ट ने जानना चाहा कि यदि योजना लागू की जाती है तो मंदिर का प्रबंधन किसके हाथ होगा, सेवायतों के, ट्रस्ट के या सरकार के. हालांकि इस सवाल का जवाब सरकार की ओर से नहीं दिया गया. अधिवकत राघवेंद्र मिश्र ने कहा कि सरकार प्रस्तावित योजना लागू करे, सारा खर्चा प्रखर गर्ग की तरफ से किया जाएगा. सरकार मंदिर का चढ़ावा न ले, सारा खर्च हम देंगे. इस पर कोर्ट ने कहा कि मंदिर का पैसा सरकार न ले तो सारा विवाद ही खत्म. अब इस मामले में अगली सुनवाई 11 अक्टूबर को होगी.