आगरालीक्स…आगरा के डॉ. श्रेय सारस्वत को लंदन से एमएफ होम्योपैथी की डिग्री मिली, इस बार देश भर के चार डॉक्टरों को ही मिली है यह डिग्री। पिता वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कैलाश सारस्वत से प्रेरित होकर क्रिटिकल केयर में डीएनबी की पढ़ाई छोड़ कर होम्योपैथी की डिग्री ली है।
आगरा के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कैलाश सारस्वत के बेटे डॉ. श्रेय सारस्वत ने हसन इंस्टीट्यूट साइंसेज से एमबीबीएस की। इसके बाद एम्स, दिल्ली इंद्रपस्थ अपोलो हॉस्पिटल और पुष्पावति सिंघानिया इंस्टीट्यूट में काम किया। इसके बाद अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली में डीएनबी एनेस्थीसिया में प्रवेश लिया लेकिन वे अपने पिता डॉ. कैलाश सारस्वत द्वारा होम्योपैथी से जटिल मरीजों को ठीक करने, सस्ता इलाज मुहैया कराने के तरीके से प्रेरित हुए और डीएनबी की पढ़ाई छोड़कर होम्योपैथी की डिग्री लेने का निर्णय लिया।
पहले प्रयास में मिली तीन वर्ष की पीजी डिग्री
डॉ. श्रेय सारस्वत ने लंदन से (Member of Faculty of Homeopathy) की डिग्री के लिए पढ़ाई शुरू की, तीन वर्ष की डिग्री उन्हें पहले ही प्रयास में मिल गई। इस डिग्री कोर्स में एमबीबीएस के बाद ही प्रवेश मिलता है और रिजल्ट बहुत कम रहता है। वर्ष 2023 में एमएफ होम्योपैथी की डिग्री भारत के चार डॉक्टरों को मिली है इसमें से एक डॉ. श्रेय सारस्वत हैं।
यूपी में केवल दो डॉक्टर
एमएफ होम्योपैथी डिग्री धारक यूपी में अब दो डॉक्टर हो गए हैं, इससे पहले एक ही डॉक्टर थे अब डॉ. श्रेय सारस्वत भी एमएफ होम्योपैथी हैं। इस डिग्री से वे भारत के साथ ही लंदन में भी प्रैक्टिस कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि देश भर में 38 डॉक्टरों पर यह डिग्री है। डॉक्टर श्रेय सारस्वत ने बताया कि होम्योपैथी चिकित्सा द्वारा समाज की ज्यादा सेवा की जा सकती हैं, यह उन्होंने अपने पिता वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक की प्रैक्टिस में देखा।