आगरालीक्स… ट्रक चालकों की क्रिएटिविटी भी गजब की। ट्रक के पीछे लिखे स्लोगन भी आकर्षित करते हैं लोगों को। शेर-शायरी पीछे छूटी। अब संदेशात्मक स्लोगन
अपने वाहन से खासा प्यार करते हैं चालक
वाहन चालक खासकर ट्रक संचालक और चालक अपने ट्रक से बेहताशा प्यार करते हैं। वह उसे सजाने-संवारने के लिए तरह-तरह के प्रयोग करते हैं। नजर से बचाने के लिए तरह-तरह की चीजों के साथ स्लोगन लिखवाते हैं।
ड्राइवर केबिन का एक हिस्सा अपने इष्ट देव के लिए

ड्राइवर की केबन में भी चालक अपने-अपने इष्टदेव की मूर्ति, फोटो रखते हैं। सुबह-शाम आरती डेक में लगाते हैं।

ट्रांसपोर्ट नगर में खूब बिकते हैं चुटीले
बाहर की तरफ नजर से बचाने के लिए चुटीले-शीशे, माला समेत तमाम श्रृंगार की चीजे लगाते हैं। आगरा में ट्रांसपोर्ट नगर में इन सामानों को हाथ में लेकर बेचने वाले भी खूब नजर आ जाते हैं।
दोयम दर्जे की शेर-शायरी से अब परहेज
ट्रकों के पीछे लिखे स्लोगन खास होते हैं। पहले ट्रकों के पीछे तरह-तरह की दोयम दर्जे के शेर लिख होते थे, जैसे बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला, नजर लगा और जूते का फोटो लगाकर खा दिया करते थे, जिसकी वजह से लोग थोड़ा हेय नजर से देखते थे।
ट्रक चालकों की सोच में आया बदलाव
ट्रक चालकों की सोच में अब बदलाव आया है। उन्होंने ट्रकों के पीछे संदेशात्मक स्लोगन लिखे जा रहे हैं। देशभक्ति के स्लोगन भी होते हैं जैसे
जानें कितने झूले थे फांसी पर, कितनों ने गोली खाई थी, क्यों झूठ बोलते हो साहब, कि चरखे से आजादी आऐ थी।
कर चले जानों तन साथियो, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।
कुछ पुराने स्लोगन
कुछ पुराने स्लोगन इस प्रकार होते हैं- सावधानी हटी, दुर्घटना घटी, यह सभी प्रकार के वाहनों पर मिल जाएगा। इसके अलावा- वाहन चलाते समय सौंदर्य दर्शन न करें, वरना देव दर्शन हो सकते हैं। चमचों की तीन दवाई, जूते-चप्पल और पिटाई।