आगरालीक्स…आगरा मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशनों को मिला आईएसओ प्रमाण पत्र. जानें कितना जरूरी है ये सर्टिफिकेट. अंडरग्राउंड सेक्शन का काम रिकॉर्ड टाइम में पूरा. पढ़ें पूरी खबर
आगरा मेट्रो प्रयॉरिटी कॉरिडोर सहित निर्माणाधीन भूमिगत स्टेशन आईएसओ प्रमाणित हो गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) ने प्रथम कॉरिडोर में ताज ईस्ट गेट से आरबीएस कॉलेज मेट्रो स्टेशन तक के भाग को पर्यावरण प्रबंधन के लिए ISO 14001 और संरक्षा प्रबंधन के लिए ISO 45001 प्रमाणपत्र मिले हैं। यूनाइटेड रजिस्ट्रार ऑफ़ सिस्टम्स ने यह प्रमाणित किया है कि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लि. (यूपीएमआरसी) द्वारा प्रारंभ से ही आगरा मेट्रो परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान, इस प्रमाणन हेतु आवश्यक अंतरराष्ट्रीय मानकों का अनुपालन किया गया। इस प्रयॉरिटी कॉरिडोर को यूकेएएस, यूनाइटेड किंगडम के साथ संबद्ध यूनिटाइटेड रजिस्ट्रार ऑफ़ सिस्टम्स, नोएडा के ऑडिटर्स की टीम ने आगरा मेट्रो रेल परियोजना का विस्तृत ऑडिट करने के बाद आईएसओ प्रमाणपत्र प्रदान किए हैं।
कैसे मिलता है आईएसओ (ISO) सर्टिफ़िकेट
आईएसओ प्रमाणन की इस प्रक्रिया के अंतर्गत यूनाइटेड रजिस्ट्रार ऑफ़ सिस्टम के ऑडिटर्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि परियोजना के क्रियान्वयन के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और संरक्षा के प्रबंधन के लिए जो सिस्टम या प्रणाली निर्धारित की गई है, उसका विधिवत अनुपालन हो रहा है; समय-समय पर सिस्टम की समीक्षा की जा रही हो और अगर कोई ख़ामी संज्ञान में आती है तो उसको दूर किया जा रहो। इस बात की पुष्टि के बाद ही आईएसओ प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं और आगरा मेट्रो परियोजना, प्रमाणन की इस प्रक्रिया में सफल रही है। परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान यूपीएमआरसी हमेशा से ही यह सुनिश्चित करता है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का ठीक ढंग से पालन किया जाए। लखनऊ मेट्रो परियोजना की बात करें, तो मार्च, 2019 में 23 किमी. लंबे संपूर्ण उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर यात्री सेवाएँ शुरू करने से पहले, यूपीएमआरसी ने 2018 में ही इस पूरे कॉरिडोर के लिए आईएसओ 14001 और आईएसओ 45001 सर्टिफ़िकेट्स प्राप्त कर लिए थे।
अप लाइन के बाद डाउन लाइन में ट्रैक का निर्माण हुआ पूरा
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने आगरा मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर में ताज ईस्ट गेट से जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन तक अप लाइन के बाद डाउन लाइन में ट्रैक का निर्माण पूरा कर लिया है। फिलहाल, यूपी मेट्रो द्वारा अपलाइन में ताज ईस्ट गेट से जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के बीच लगातार ट्रायल किया जा रहा है, जबकि डाउन लाइन में जामा मस्जिद से आगरा फोर्ट के बीच ट्रायल किया जा रहा है। जल्द ही पूरे प्रायोरिटी कॉरिडोर में आगरा मेट्रो ट्रेन का ट्रायल किया जाएगा। बता दें कि प्रायोरिटी कॉरिडोर में 6 स्टेशन है. इसमें तीन अंडरग्राउंड स्टेशन और तीन एलिवेटेड स्टेशन है. इसमें एलिवेटेड क्षेत्र का कार्य पहले ही पूरा किया चुका है. एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो का ट्रायल पहले से ही फुल स्पीड में जारी है। वहीं, अंडरग्राउंड क्षेत्र में भी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। फिलहाल, भूमिगत मेट्रो स्टेशनों का फिनिशिंग कार्य भी अंतिम चरण है। प्रायोरिटी कॉरिडोर के भूमिगत भाग में जल्द ही ट्रायल शुरू किया जाएगा।
भूमिगत मेट्रो स्टेशन और टनल निर्माण के काम में औसतन एलिवेटेड स्टेशनों की तुलना में तीन गुना समय लगता है। हालांकि, आगरा मेट्रो टीम ने इस कार्य को महज 11 महीने के रिकॉर्ड समय में ही पूरा कर लिया, जिसमें टीबीएम के माध्यम से टनल निर्माण, ट्रैक और थर्ड रेल बिछाने के काम व सुचारू और सुरक्षित ट्रेन आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सिग्नलिंग के काम शामिल थे। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन आगरा के लोगों को निर्धारित समय सीमा से पहले एक विश्व स्तरीय मेट्रो रेल प्रणाली देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि ताजनगरी में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे। ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा। जिसमें 6 एलीवेटिड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर के लिए पीएसी परिसर में डिपो का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 14 ऐलीवेटेड स्टेशन होंगे।