आगरालीक्स…आगरा की दोनों सीटों पर लोकसभा चुनाव रोचक होता जा रहा है. भाजपा प्रत्याशियों का विरोध तो बसपा ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा.
आगरा की आगरा सुरक्षित और फतेहपुर सीकरी सीट वर्ष 2019 में भाजपा ने रिकॉर्ड वोटों से जीत दर्ज की थी. 2024 लोकसभा चुनाव के लिए इन दोनों सीटों पर भाजपा ने सबसे पहले अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं. आगरा सीट से वर्तमान सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को प्रत्याशी बनाया है, मगर भाजपा में भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. शनिवार को एत्मादपुर के बरहन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल के खिलाफ पेास्टर लगाए गए जिन्हें बाद में पुलिस ने हटा दिया. इसके साथ ही बड़े स्तर पर नाऊ की सराय में एक युवती की आत्महत्या के मामले के बाद से प्रो. एसपी सिंह बघेल का विरोध शुरू हो गया है. इस सीट पर कांग्रेस और सपा गठबंधन से सपा अपना प्रत्याशी उतारेगी तो वहीं बसपा भी अपना प्रत्याशी इस सीट पर उतारेगी.
आगरा सुरक्षित सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर रही है. 2009 के चुनाव में महज 10 हजार वोट से बसपा प्रत्याशी की हार हुई थी. ऐसे में जैसे—जैसे लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है आगरा सुरक्षित सीट पर त्रिकोणय मुकाबले के आसार बन गए हैं. भाजपा के लिए इस बार यह चुनाव आसान नहीं होगा.
फतेहपुर सीकरी सीट पर भी भाजपा प्रत्याशी का विरोध
2009 में फतेहपुर सीकरी सीट बनी. इस सीट पर बसपा से सीमा उपाध्याय ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े राजबब्बर को चुनाव हराया था. 2014 में भाजपा से चौधरी बाबूलाल और 2019 में भाजपा से राजकुमार चाहर ने जीत दर्ज की. फतेहपुर सीकरी सीट पर भी भाजपा ने वर्तमान सांसद राजकुमार चाहर को प्रत्याशी बनाया है. इसके विरोध में भाजपा के पूर्व सांसद व वर्तमान विधायक चौधरी बाबूलाल के बेटे रामेश्वर चौधरी खुलकर सामने आ गए हैं. वे फतेहपुर सीकरी सीट पर चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहे हैं. इसके लिए क्षेत्र में जगह—जगह पंचायत आयोजित की जा रही हैं. राजकुमार चाहर के विरोध में पोस्टर भी लग रहे हैं. यह सीट सपा और कांग्रेस के गठबंधन कांग्रेस के हिस्से में आई है. इस सीट से कांग्रेस से राजबब्बर के चुनाव लड़ने की सुगबुगाहट तेज हो गई है, वहीं बसपा ब्राहृमण या ठाकुर प्रत्याशी को उतारने की तैयारी में है. इससे इस सीट पर भी मुकाबला रोचक होगा.