आगरालीक्स… दुनिया भर में खलबली मचाने वाले रेंसमेवयर वायरस का अटैक आगरा में होने के बाद सैकडों एटीम बंद कर दिए हैं। नेटबैकिंग और कार्ड से ट्रांजेक्शन करने से बचने के लिए आगाह किया गया है। ऐसे ईमेल, जिनके बारे में जानकारी नहीं हैं, उन्हें क्लिक न करने के लिए कहा गया है। बैकिंग सेक्टर के साथ ही अन्य संस्थान भी सतर्क हो गए हैं। आगरा में रेंसमवेयर वायरस के डर से एटीएम बंद कर दिए गए हैं। बैंकों ने सर्वर से ही एटीएम की कनेक्टिविटी बंद कर दी। स्टेट बैंक समेत कुछ बैंको ने अपने नए सिक्योरिटी फीचर वाले एटीएम चालू रखे, लेकिन सोमवार को एहतियात के तौर पर इन्हें भी बंद कर दिया गया। सीबीएस से जुड़े होने के कारण जिले में 486 बैंक शाखाओं के कंप्यूटर सिस्टम में रविवार को एंटी वायरस अपडेट किया गया। कुछ शाखाओं में यह काम चल रहा है।
लीड बैंक मैनेजर पंकज सक्सेना ने बताया कि रेंसमवेयर वायरस के डर से एटीएम बंद हैं। बैकिंग नेटवर्क हालांकि पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन शाखाओं और एटीएम को सावधानी बरतते हुए एंटी वायरस से अपडेट किया जा रहा है। ग्राहकों को कुछ परेशानी हुई है, पर इस खतरे से भी निपटना है।
एटीएम बंद
विंडोज एक्सपी प्लेटफार्म पर चल रहे एटीएम को बंद करने के कारण खाताधारक परेशान रहे। नगदी के संकट के कारण खाताधारक कई जगह एटीएम तलाशते रहे, लेकिन हर एटीएम बंद ही मिला।
इस तरह किया हमला
साइबर हमलावरों ने ई-मेल के जरिए बिल, रोजगार की पेशकश, सुरक्षा कारण का हवाला देकर संदिग्ध लिंक खोलने के लिए कहा। इसके बाद एक घंटे में ही हमले के 75 हजार मामले सामने आ गए। सबसे पहले स्वीडन, ब्रिटेन और फ्रांस से सूचना मिली। सबसे ज्यादा ब्रिटेन के अस्पताल, रूस, ताईवान और यूक्रेन प्रभावित हुए। ब्रिटेन में अस्पतालों में अफरा-तफरी मच गई। कई सर्जरी रद्द की गई, तो गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजा गया। ‘कैस्परस्काई’ लैब में कार्यरत सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने करीब सौ देशों में साइबर हमलों को रिकॉर्ड किया।
मांग रहे फिरौती
हैकरों ने ऐसे किया साइबर हमला एक संदिग्ध कोड कंप्यूटर के डेटा को ब्लॉक कर देता है आपको ई–मेल या इंटरनेट पर एक संक्रमित फाइल मिलती है। अगर आप इसे खोलते हैं तो संदिग्ध कोड आपके कंप्यूटर में प्रवेश कर जाता है। इनक्रिप्शन की आपका डेटा लॉक कर देती है। ‘की’ के बिना आपके कंप्यूटर पर मौजूद सभी फाइलें लॉक रहती हैं। कमांड और कंट्रोल सर्वर कुछ मिनटों में आपकी फाइलें लॉक हो जाती है और पहुंच से बाहर हो जाती है। अगर आप फाइल खोलने की कोशिश करते हैं तो एक संदेश दिखता है जिसमें फिरौती की मांग लिखी होती है। अगर आप रकम नहीं देते हैं तो आपकी फाइलें हमेशा के लिए गायब हो जाती है। बिटकॉइन करेंसी में ऑनलाइन भुगतान करने से आप हैकरों की जानकारी नहीं निकाल सकते। अगर आप भुगतान करते हैं तो — डार्कनेट में मौजूद किसी अज्ञात शख्स को यह राशि जाती है और आपको एक घंटे या कुछ देर में डेटा खोलने के लिए की मिल जाती है।
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