आगरालीक्स…आगरा में खुशियां, उत्साह के पर्व क्रिसमस के लिए सतरंगी रोशनी से जगमगाए गिरिजाघर. रात 11 बजे से शुरू होंगी प्रार्थना संभाएं. 12 बजे गूंजेगा—मैरी क्रिसमस…
प्रभु यीशू के आगमन के लिए गिरिजाघर सजकर तैयार हो गए हैं. गिरिजाघरों,मसीहों के संस्थानों और अनुयायियों के घरों में चरनी की झांकियां और क्रिसमस ट्री तैयार किए गए हैं. रात 11 बजे से प्रार्थनाएं सभा शुरू हो जाएंगी. रात 12 बजते ही गिरिजाघरों में घंटे घड़ियाल बजने लगेंगे और प्रभु यीशू का जन्म हो जाएगा. इसके साथ ही प्रार्थनाएं सभा भी शुरू हो जाएंगी.
उत्तर भारत में आगरा में गूंजी थी सबसे पहले जिंगल बैल
उत्तर भारत का सबसे पुराना चर्च आगरा के वजीरपुरा स्थिति अकबरी चर्च है जिसे चर्च और पिएटा भी कहते हैं. 1599 में अकबर के शासनकाल में इसे बनाने की शुरुआत हुई थी और 1600 में यह बनकर तैयार हो गया था. यह उत्तर भारत का पहला कैथोलिक चर्च है. वहीं उत्तर भारत में सबसे पहले जिंगल बैल और मैरी क्रिसमस भी आगरा में गूंजे थे.
चर्च में 25 दिसंबर को होने वाली प्रार्थनाओं का समय
सेंट मैरीज चर्च — सुबह सात बजे
सेंट पीटर्स चर्च — सुबह 9 बजे और शाम 5 बजे
सेंट पैट्रिक्स चर्च — सुबह 9 बजे
सेंट थॉमस चर्च — सुबह 9 बजे
हैवलोक चर्च — सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर
बैप्टिस्ट चर्च — सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर
सेंट जॉन्स चर्च हरीपर्वत — सुबह 11 बजे
सेंट जॉन्स चर्च सिकंदरा — सुबह 10 बजे