नईदिल्लीलीक्स …चौंकाने वाले वीडियो, गुजरात और कर्नाटक के स्कूल में आठ साल की दो बच्चियों की कार्डियक अरेस्ट से मौत। कैसे बचाएं कार्डियक अरेस्ट में जान, जानें सीटीवीएस डॉ. सुशील सिंघल से।
गुजरात के अहमदाबाद के थलतेज इलाके के जेबर स्कूल फार चिल्ड्रन की कक्षा तीन की छात्रा गार्गी राणपरा शुक्रवार सुबह आठ बजे स्कूल पहुंची। उसकी क्लास पहली मंजिल पर थी, वह पहली मंजिल पर पहुंची। उसकी पीठ पर बैग लटका हुआ था, सीसीटीवी में गार्गी गैलरी में कुछ देर के लिए खड़ी दिखाई दे रही है, उसके पास से बच्चे निकल कर जा रहा हैं, टीचर भी खड़े हुए हैं । इसके बाद वह आगे बढ़ती है और दीवार के सहारे रखी कुर्सी पर बैठ जाती है, इसके बाद गिरने लगती है, बच्चे उसे देखते हैं, टीचर देखते ही बच्ची को सहारा देते हैं। स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिष्ठा सिन्हा का कहना है कि टीचर ने बच्ची को सीपीआर दिया और स्कूल के टीचर की कार से उसे पास के जायडस अस्पताल ले गए। गार्गी को वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई है और पुलिस ने पोस्टमार्टम से ही मौत का कारण स्पष्ट होने की बात कही है।
कर्नाटक के स्कूल में कॉपी चेक कराने उठी बच्ची, बेहोश होकर गिरी मौत
इससे पहले इसी तरह का मामला गुरुवार को आया था। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के सेंट फ्रांसिस स्कूल में आठ साल की बच्ची तेजस्वनी क्लासरूम में टीचर को अपनी कॉपी दिखाने के लिए अपनी सीट से उठी और बेहोश होकर गिर गई। अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट से मौत होना बताया।
क्या होता है कार्डियक अरेस्ट और कैसे बचाएं जान
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. सुशील सिंघल का कहना है कि जिनके ह्रदय की मांसपेशियां कमजोर हैं, कोई ह्रदय रोग हैं। कोई बीमारी है तो ह्रदय अचानक से काम करना बंद कर देता है। इससे कार्डियक अरेस्ट कहा जाता है।
अचानक हृदय गति रुकना का एक बड़ा कारण अरिथमिया और वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया (VT) होता है।

अरिथमिया और VT क्या हैं?
अरिथमिया (दिल की अनियमित धड़कन) और वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया (दिल की अत्यधिक तेज धड़कन) ऐसी स्थितियां हैं जो अचानक हृदय गति रुकने (Sudden Cardiac Arrest) का कारण बन सकती हैं। यह समस्या अक्सर बिना किसी चेतावनी के होती है और कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो सकती है।
लक्षण जो नज़रअंदाज न करें:
1. अचानक बेहोशी या गिर जाना।
2. सांस लेने में परेशानी या सांस बंद होना।
3. दिल की धड़कन तेज, अनियमित या बंद हो जाना।
4. सीने में भारीपन या बेचैनी।
यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर गिर जाए, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
1. स्थिति को पहचानें:
• पीड़ित को हिलाकर देखें। यदि वह प्रतिक्रिया नहीं देता और सांस नहीं ले रहा है, तो यह अचानक हृदय गति रुकने का मामला हो सकता है।
2. सीपीआर (CPR) शुरू करें:
• पीड़ित को सीधा लिटाएं और सीने के बीच में तेजी और मजबूती से दबाव डालें।
• 100-120 बार प्रति मिनट की दर से दबाव डालते रहें।
• सांस देने की चिंता न करें, बस छाती को पंप करते रहें।
3. AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) का उपयोग करें:
• अगर आसपास AED मशीन उपलब्ध हो, तो इसे तुरंत लगाएं।
• यह मशीन दिल को शॉक देकर सामान्य धड़कन शुरू कर सकती है।
4. एम्बुलेंस को बुलाएं:
• नजदीकी अस्पताल को तुरंत सूचित करें।
अरिथमिया और VT से बचाव के उपाय:
• स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: धूम्रपान और शराब से बचें, और संतुलित आहार लें।
• व्यायाम करें: रोजाना 30 मिनट टहलें या हल्का व्यायाम करें।
• समय-समय पर जांच कराएं: हृदय रोग के लक्षणों को गंभीरता से लें और नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लें।
• यदि आप हृदय रोगी हैं: दवाइयों को नियमित रूप से लें और तनाव से बचें।
जागरूकता जरूरी है!
• सार्वजनिक स्थानों पर AED मशीन लगवाने की मांग करें।
• CPR का प्रशिक्षण लें—यह किसी की जिंदगी बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।