आगरालीक्स …Agra News : नौ साल के बच्चे को चौंकाने के लिए छह साल की बच्ची ने तेज आवाज निकाली, बच्चे की हार्ट अटैक से मौत। ( Agra News : 9 year old died may be due to Cardiac attack after loud voice of 6 year old girl#Agra ) ( Agra News : 9 year old died may be due to Cardiac attack after loud voice of 6 year old girl#Agra )
एटा के जीआईसी कॉलोनी में रहने वाले राजू का नौ साल का बेटा आर्यन शनिवार शाम को पड़ोस के बच्चों के साथ एक कमरे में खेल रहा था, खेलते खेलते बच्चे एक कमरे में चले गए। इसी दौरान एक छह साल की बच्ची आई, उसने कमरे का गेट खोला और कमरे के अंदर खेल रहे बच्चों को चौंकाने के लिए तेज आवाज निकाली।
आवाज सुनते ही बच्चा हुआ बेहोश
बच्ची की तेज आवाज सुनकर आर्यन बेहोश हो गए, आर्यन के बेहोश होने पर परिजन आ गए। वे बच्चे को लेकर सीधे अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
कार्डियक अरेस्ट से मौत
चिकित्सकों का कहना है कि आर्यन की मौत हार्ट अटैक से होने की आशंका है, कई बार इस तरह की तेज आवाज सुनकर दिल की धड़कन बेकाबू हो जाती हैं। इस स्थिति में कार्डियक अरेस्ट हो सकता है और जान तक जा सकती है।
इस तरह बचा सकते हैं जान
एसएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि अचानक से कोई बेहोश हो जाए तो उसे सीपीआर देकर अस्पताल पहुंच पहुंचाएं। इससे जान बचाई जा सकती है।
यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर गिर जाए, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- स्थिति को पहचानें:
- पीड़ित को हिलाकर देखें। यदि वह प्रतिक्रिया नहीं देता और सांस नहीं ले रहा है, तो यह अचानक हृदय गति रुकने का मामला हो सकता है।
- सीपीआर (CPR) शुरू करें:
- पीड़ित को सीधा लिटाएं और सीने के बीच में तेजी और मजबूती से दबाव डालें।
- 100-120 बार प्रति मिनट की दर से दबाव डालते रहें।
- सांस देने की चिंता न करें, बस छाती को पंप करते रहें।
- AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) का उपयोग करें:
- अगर आसपास AED मशीन उपलब्ध हो, तो इसे तुरंत लगाएं।
- यह मशीन दिल को शॉक देकर सामान्य धड़कन शुरू कर सकती है।
- एम्बुलेंस को बुलाएं:
- नजदीकी अस्पताल को तुरंत सूचित करें।
अरिथमिया और VT से बचाव के उपाय:
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: धूम्रपान और शराब से बचें, और संतुलित आहार लें।
- व्यायाम करें: रोजाना 30 मिनट टहलें या हल्का व्यायाम करें।
- समय-समय पर जांच कराएं: हृदय रोग के लक्षणों को गंभीरता से लें और नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लें।
- यदि आप हृदय रोगी हैं: दवाइयों को नियमित रूप से लें और तनाव से बचें।
जागरूकता जरूरी है!
- सार्वजनिक स्थानों पर AED मशीन लगवाने की मांग करें।
- CPR का प्रशिक्षण लें—यह किसी की जिंदगी बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।