आगरालीक्स…आगरा नगर निगम के ट्रेड टैक्स पर भड़के व्यापारी. बोले—ये एक तुगलकी फरमान. जब सारे कर दे रहे हैं तो ट्रेड टैक्स क्यों…..मॉल, ब्रांडेड शोरूम, ज्वैलर्स सहित 33 कारोबार लाए गए ट्रेड टैक्स के दायरे में…
आगरा नगर निगम की ओर से हाल ही में कार्यकारिणी समिति की बैठक की गई. इसमें कुल 72 मदों में ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेने के लिए कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्ताव रखे गया, जिसमें 11 मदों में पहले से शुल्क लिया जा रहा था, 69 नये मदों में ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेने का प्रस्ताव रखा गया। कार्यकारिणी सदस्यों से चर्चा के बाद महापौर ने ट्रेड लाइसेंस शुल्क से छोटे व्यापारियों को राहत देने की बात की और कुल 72 में से 33 मदों में ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेने पर मुहर लगाई और सर्वसम्मति से पास कर दिया गया. इस मद को 85 लाख 72 हजार से बढ़ाकर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए दो करोड़ कर दिया गया है. इसके अलावा विज्ञापनों से होने वाली आय को भी आठ से बढ़ाकर नौ करोड़ रुपये कर दिया गया है।.
व्यापारियों ने जताया विरोध
आगरा व्यापार मंडल के कोर कमेटी की आवश्यक बैठक बुधवार को नगर निगम के ट्रेड टैक्स लगाने कें संदर्भ में हुई जिसमें सभी व्यापारीयों के द्वारा ट्रेड टैक्स की घोर विरोध और निंदा की गयी. अध्यक्ष टीएन अग्रवाल का कहना है कि मेयर और नगर आयुक्त को पहले व्यापारीयों से बात करनी चाहिए थी. आगरा व्यापार मंडल इसे लागू नही होने देगा. इसके लिये आंदोलन को बाध्य होना पडेगा. उन्होंने कहा कि ये एक तुगलकी फरमान है जिसे वापस लेना होगा वरना व्यापारियों का घोर विरोध झेलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब इतने सारे कर दे रहें है ट्रेड टैक्स का कोई औचित्य नही हैं.
व्यापारी अशोक मंगवानी का कहना है कि जलकर, सीवरकर, गृहकर के बाद व्यापारियों पर ट्रेड टैक्स लगाना न्यायोचित नही हैं. सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल का कहना है कि ज्वेलर्स पर 5 करोड़ वार्षिक टर्न ओवर पर 50 हजार ट्रेड टैक्स लगाना तुगलकी फरमान है. इसका भारी विरोध होगा. ब्रजमोहन रैपुरिया ने भी कहा कि सराफा वालों पर इतना अधिक ट्रेड टैक्स लगाना ठीक नही हैं हम इसका विरोध करते हैं.